गोरखपुर। उत्तर प्रदेश में टीबी उन्मूलन अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए अब सक्रिय सर्विलांस, आधुनिक तकनीक और जनभागीदारी पर जोर दिया जाएगा।
एम्स में मंगलवार को आयोजित टीबी उन्मूलन विषयक संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने बीमारी की जल्द पहचान, बेहतर उपचार और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने पर मंथन किया।
संगोष्ठी में प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग, राज्य क्षय रोग कार्यालय, चिकित्सकों, निजी स्वास्थ्य संस्थानों, जनस्वास्थ्य विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों के 60 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। पद्मश्री डॉ. राजेंद्र प्रसाद और केजीएमयू, लखनऊ के श्वसन रोग विभागाध्यक्ष प्रो. सूर्यकांत त्रिपाठी समेत देशभर के विशेषज्ञों ने टीबी नियंत्रण के लिए अपने सुझाव साझा किए। अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य अमित घोष ने कहा कि नवाचार, प्रौद्योगिकी टीबी उन्मूलन यात्रा के प्रमुख आधार हैं।