प्राचार्य ने डाॅक्टरों को निर्देश दिए कि यदि कोई दलाल मरीजों को किसी भी तरह से यहां से ले जाता है तो ऐसे लोगों को चिह्नित किया जाए। विशेष परिस्थिति में ही मरीज को रेफर किया जाए। रेफर करने का पूरा कारण पर्चे पर लिखा जाए। क्योंकि रेफर के ही खेल में एंबुलेंस चालक मरीजों को निजी अस्पताल ले जाते हैं।
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ट्रॉमा में नजर आए दलाल तो कर्मियों पर होगी कार्रवाई
डॉक्टरों के साथ बैठक करने के बाद प्राचार्य ने कर्मचारियों के साथ बैठक की। सख्त निर्देश दिए कि अगर ट्रॉमा सेंटर में कोई भी एंबुलेंस चालक, मेडिकल स्टोर या नर्सिंग होम का कर्मचारी नजर आता है तो संबंधित कर्मचारी को जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई की जाएगी। ट्राॅमा सेंटर और ओपीडी में दलालों और एंबुलेंस चालकों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए। बताया कि जानकारी मिली है कि कुछ कर्मचारी इस काम में मदद करते हैं। ऐसे कर्मचारियों की सूची तैयार कराई जाएगी और प्रशासन को सौंपी जाएगी।
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प्राचार्य ने बताया कि संविदा पर तैनात डॉक्टरों पर भी नजर रखी जाएगी। संविदा डॉक्टरों के अस्पतालों की आड़ में अगर कोई भी नियमित डॉक्टर उन अस्पतालों में प्रैक्टिस या ऑपरेशन करता है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ ऐसे डॉक्टरों की सूची प्रशासन को सौंपी जाएगी। प्रशासन अपने स्तर से तो कार्रवाई करेगा ही, साथ ही कॉलेज प्रशासन नियमानुसार कार्रवाई की संस्तुति शासन को करेगा।
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बीआरडी में खुला नया भर्ती केंद्र
बीआरडी मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नया ओपीडी भर्ती केंद्र खोला गया है। इससे ओपीडी में आए मरीजों को यदि डाॅक्टर भर्ती करने की सलाह देते हैं तो उन्हें इसके लिए ट्रॉमा सेंटर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ओपीडी भर्ती केंद्र पर ही सारी कागजी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद संबंधित वार्ड में भेज दिया जाएगा। अब तक ऐसे मरीजों को भर्ती करवाने के लिए तीमारदारों को ट्रॉमा सेंटर जाना पड़ता था।