- वर्षों तक गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा में भी रहा तैनात, सलामी के साथ दी गई अंतिम विदाई
- 12 से अधिक अवैध असलहों की बरामदगी में डॉग स्क्वॉड के श्वान ने निभाई अहम भूमिका
गोरखपुर। पुलिस विभाग के डॉग स्क्वॉड का जांबाज श्वान ‘उत्तलम’ अब नहीं रहा। 14 वर्षों तक अपनी सूंघने की अद्भुत क्षमता और सतर्कता के दम पर पुलिस के कई अहम अभियानों को सफल बनाने वाले उत्तलम की मौत पर बृहस्पतिवार को पुलिस विभाग ने भावभीनी विदाई दी। पुलिस लाइंस में आयोजित समारोह में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) समेत अन्य अधिकारियों और जवानों ने उसे सलामी देकर अंतिम सम्मान अर्पित किया।
उत्तलम लंबे समय तक गोरखपुर पुलिस के डॉग स्क्वॉड का सबसे भरोसेमंद सदस्य रहा। अपने सेवाकाल में उसने 12 से अधिक अवैध असलहों की बरामदगी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। किसी भी तलाशी अभियान में उसकी तेज सूंघने की क्षमता और विशेष प्रशिक्षण के कारण पुलिस को कई मामलों में सफलता मिली। इसी दक्षता के चलते वह विभाग के सबसे कुशल और विश्वसनीय श्वानों में शामिल था।
वर्ष 2017 में प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद उत्तलम को गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात किया गया। मंदिर परिसर की सुरक्षा में उसने कई वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं और सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बना रहा। उम्र बढ़ने के साथ वर्ष 2024 में ड्यूटी के दौरान लगी चोट के कारण उसकी सक्रियता कम होने लगी। इसके बाद उससे केवल सीमित कार्य लिया जाने लगा। वर्ष 2025 में चलने-फिरने और वाहन पर चढ़ने-उतरने में कठिनाई बढ़ने पर पुलिस विभाग ने उसे सक्रिय ड्यूटी से पूरी तरह मुक्त कर दिया था। उत्तलम की मौत की सूचना मिलते ही पुलिस लाइंस में शोक का माहौल रहा। अंतिम विदाई के दौरान अधिकारियों और जवानों ने उसे सलामी देकर श्रद्धांजलि अर्पित की। अधिकारियों ने कहा कि उत्तलम केवल डॉग स्क्वॉड का सदस्य नहीं, बल्कि विभाग का एक समर्पित, अनुशासित और वफादार साथी था, जिसकी सेवाओं को हमेशा याद रखा जाएगा।