आर्थिक रूप से कमजोर 1527 अभिभावकों का अपने बच्चे को प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने का सपना पहली बाधा को पार कर गया है। जब शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत इन बच्चों को लॉटरी के माध्यम से प्राइवेट स्कूल का आवंटन हुआ।
वहीं 841 बच्चों को सीटे खत्म होने की वजह से मायूूस होना पड़ा है। पहले चरण के तहत 2368 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। चयनित अभ्यर्थियों की सूची नगर शिक्षा अधिकारी कार्यालय और बीएसए दफ्तर पर चस्पा कर दी गई है।
एक जुलाई से चयनित अभ्यर्थी विभाग से आवंटन लेटर हासिल कर चयनित स्कूल में अपने बच्चे का मुफ्त प्रवेश करा सकेंगे। 10 जुलाई तक प्रक्रिया को पूरा करना होगा। दो जून को पहले चरण की आखिरी समय सीमा तक 3320 जरूरतमंद अभिभावकों ने प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। फार्म के सत्यापन के दौरान गलत जानकारी देने की वजह से 952 फार्म निरस्त कर दिया गया था। लॉटरी के लिए 2368 अभ्यर्थी चुने गए थे।
बीएसए बीएन सिंह ने बताया कि पहले चरण में सीट न मिलने वाले अभिभावकों को निराश होने की जरूरत नहीं है। उन्हें आवेदन का एक और मौका मिलेगा। दूसरे चरण के लिए आवेदन 10 जून से शुरू होकर 10 जुलाई तक चलेगा।
आवेदन फार्म का सत्यापन 11-13 जुलाई तक होगा। 15 जुलाई को लाटरी के माध्यम से अभ्यर्थियों को स्कूल का आवंटन होगा। 30 जुलाई तक प्रवेश प्रक्रिया को पूरा करना होगा। इच्छुक अभ्यर्थी बेसिक शिक्षा विभाग की वेबसाइट
rte25.upsdc.gov.in पर जाकर आवेदन फार्म को भर सकते हैं।
ज्यादा स्कूलों के विकल्प को चुने
नगर शिक्षा अधिकारी ब्रह्मचारी शर्मा ने बताया कि आरटीई के तहत आए आवेदनों में 952 आवेदन फार्म गलत जानकारी की वजह से निरस्त कर दिया गया है। ज्यादातार अभिभावकों ने आवेदन के दौरान जिस वार्ड में निवास करते हैं, उससे बाहर के विद्यालयों में प्रवेश के लिए आवेदन किया है। जिस वजह से उनके आवेदन निरस्त हो गए हैं। इस पर ध्यान देने की जरूरत है। फार्म भरने के दौरान ज्यादा से ज्यादा स्कूल को विकल्प के रूप में चुनें।