एम्स के प्रशासनिक अफसर पर एमबीबीएस की छात्रा के यौन उत्पीड़न के आरोप सही हैं। मामले की जांच कर रही विशाखा कमेटी ने इसकी पुष्टि की है। शनिवार को सामने आई कमेटी की आरंभिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, अफसर ने अपनी केबिन में ही छात्रा का यौन उत्पीड़न किया था। इस रिपोर्ट के बाद आरोपी अफसर की प्रतिनियुक्ति को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है।
वहीं, जांच रिपोर्ट का संदर्भ देते हुए एम्स प्रशासन की तरफ से एक रिपोर्ट आरोपी अफसर के मूल विभाग कैबिनेट सचिवालय भारत सरकार को भेजी गई है। पूरे मामले में कानूनी कार्रवाई के लिए किसी वरिष्ठ अधिवक्ता से सलाह लेने का निर्णय लिया गया है।
भविष्य में ऐसी घटना न हो, इसके लिए एम्स प्रशासन ने हॉस्टल मैनेजमेंट कमेटी का गठन और अधिष्ठाता छात्र मामले की नियुक्ति भी की है। शनिवार को विशाखा कमेटी ने अपनी जांच के निष्कर्ष की जानकारी कार्यकारी निदेशक डॉ. जीके पॉल को । कार्यकारी निदेशक ने रिपोर्ट से स की गवर्निंग बॉडी के प्रेसिडेंट देश क वर्मा को अवगत कराया। देर शाम कार्यकारी निदेशक ने प्रेस कांफ्रेंस कर मामले में अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी दी।
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उन्होंने कहा कि आरंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि घटना कार्यालय परिसर में ही हुई है। इसलिए यह अत्यंत ही गंभीर प्रकृति का मामला है। आरोपी अफसर प्रतिनियुक्ति पर आए थे। उनकी प्रतिनियुक्ति को समाप्त करते हुए उनके मूल विभाग को पूरे घटनाक्रम से लिखित रूप से अवगत कराया गया है। पीड़िता के भविष्य को देखते हुए अभी सीधे कानूनी कार्रवाई के बजाय विशेषज्ञों से विधिक सलाह ली जा रही है।