गोरखपुर। भ्रष्टाचार के आरोप में कुशीनगर जिले के तरयासुजान थाने में तैनात तत्कालीन दरोगा आलोक कुमार सिंह की जमानत अर्जी प्रभारी विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) की अदालत ने खारिज कर दी है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को राहत देने से इनकार किया।
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक ने अदालत को बताया कि शिकायतकर्ता दीपक गिरी ने प्रिंस पटेल के खिलाफ 19 जुलाई 2025 को स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इस मामले की विवेचना दरोगा आलोक कुमार सिंह कर रहा था।
आरोप है कि विवेचना के दौरान चार्जशीट लगाने के नाम पर दरोगा ने 20 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी और लगातार पैसों के लिए दबाव बना रहा था। शिकायतकर्ता ने इस बातचीत का एक ऑडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जिसे बाद में 8 जनवरी 2026 को सार्वजनिक कर दिया गया। कोर्ट में पेश दलीलों और मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष न्यायाधीश ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।