जरूरत पड़ी तो 1400 बेड हैं तैयार
स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि राजकीय अस्पतालों में 1400 बेड ऐसे हैं, जिन्हें एक आदेश पर तत्काल कोविड मरीजों के लिए आवंटित किया जा सकता है। इसके अलावा जिन अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए हैं, उनकी स्थिति की जांच कराई जा चुकी है। दो जगह कमियां मिली थीं, जिन्हें दुरुस्त कराया जा रहा है। इसके अलावा पिछली बार की तरह ही कोविड के उपचार के लिए दवाओं की किट तैयार करने का निर्देश दिया गया है। जल्दी ही सभी आशा कार्यकर्ताओं को 10-10 किट उपलब्ध कराई जाएगी।
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घबराएं नहीं, सतर्कता जरूरी
वैज्ञानिक आरएमआरसी डॉ. अशोक पांडेय ने कहा कि कोविड के नए वैरिएंट को लेकर घबराने नहीं बल्कि सतर्कता की जरूरत है। पूर्वांचल के लोगों में पहले से ही इम्युनिटी मजबूत है। टीकाकरण के चलते भी लोगों में इस बीमारी के प्रति एंटीबॉडी बनी हुई है। इसलिए सतर्कता सबसे जरूरी है। मसलन भीड़ में जाएं तो मास्क पहनें, सर्दी-जुकाम है तो खांसते-छींकते समय नाक पर रुमाल रखें और मास्क पहनें। कोई भी बाहरी सामान छूते हैं तो हाथ धो लें या सैनिटाइजर का प्रयोग करें। इसके अलावा बीमारी का डर दिमाग से निकालकर स्वच्छता के अन्य उपायों पर ध्यान दें। ताजा भोजन और अच्छी नींद लें, जिससे कि इम्युनिटी बनी रहे।
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सीएमओ डाॅ. आशुतोष कुमार दुबे ने कहा कि गोरखपुर में तीन केस मिले हैं। नए वैरिएंट के बाद ये पहला मामला है। गाइड लाइन के अनुसार संपर्क में आए लोगों की भी जांच कराई जाएगी। कोविड से बचाव को लेकर हमारी तैयारी पूरी है। पर्याप्त संख्या में एंटीजन जांच किट व दवाएं उपलब्ध हैं। जो ऑक्सीजन प्लांट जांच में ठीक नहीं मिले थे, उन्हें ठीक कराया जा रहा है।