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बीआरडी : छात्र और नर्सेज आमने-सामने...इंटर्न ने मांगी माफी

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- ऑल इंडिया रजिस्टर्ड नर्सेज फेडरेशन ने राज्यपाल को भेजा ज्ञापन, तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित
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- इंटर्न ने मांगी माफी तब जाकर शांत हुए स्टाफ नर्स

संवाद न्यूज एजेंसी
गुलरिहा (गोरखपुर)। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर में इंटर्न डॉक्टर की ओर से स्टाफ नर्स की पिटाई के मामले में शनिवार को नर्सिंग एसोसिएशन और इंटर्न डॉक्टर आमने-सामने आ गए। हालांकि, प्रशासन की सतर्कता से मामला संभल गया। दिन भर चले हंगामे के बाद इंटर्न डॉक्टर ने शाम को स्टाफ से सभी के सामने माफी मांग ली। इसके बाद नर्सिंग एसोसिएशन ने धरना समाप्त किया। वहीं, इंटर्न डॉ. अजीत और स्टाफ नर्स जयप्रकाश को बहाल कर दिया गया है। डीएम ने जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है।
जानकारी के अनुसार, बृहस्पतिवार दोपहर दो बजे के करीब महिला सर्जरी वार्ड नंबर चार में कार्यरत एक इंटर्न छात्र ट्रामा सेंटर के इमरजेंसी सर्जरी में पहुंचकर बिना पूछे एक इंजेक्शन (दवा) ले जाने लगा। ड्यूटी पर तैनात पुरुष नर्स जयप्रकाश ने कहा कि अपने काम भर का सिरिंज में भरकर ले जाइए। आरोप है कि इतने पर इंटर्न आग बबूला हो गया। आरोप है कि उसने नर्स को थप्पड़ जड़ दिए। बाद में इंटर्न ने फोन कॉल करके अपने 20 से 25 साथियों को बुला लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। इससे आक्रोशित नर्सों ने रात तक प्रदर्शन किया था। बाद में दोनों पक्षों ने थाने में तहरीर दी। घटना के बाद ऑल इंडिया रजिस्टर्ड नर्सेज फेडरेशन ने भी राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
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शुक्रवार सुबह से बाबा राघव दास मूर्ति के पास नर्सों का प्रदर्शन चला। शनिवार को राजकीय नर्सेज संघ की अध्यक्ष बीना त्रिपाठी और उपाध्यक्ष राजेन्द्र शुक्ला के नेतृत्व में नर्सों ने नेहरू चिकित्सालय के गलियारों में नारेबाजी करते हुए प्राचार्य कार्यालय तक मार्च किया। प्राचार्य स्तर पर वार्ता हुई लेकिन समाधान न निकलने पर जिला प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा। एडीएम सिटी अंजनी कुमार सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट उत्कर्ष श्रीवास्तव, एसडीएम प्रशांत वर्मा, सीओ गोरखनाथ रवि प्रकाश सिंह और सीओ एलआईयू देवी दयाल मेडिकल कॉलेज पहुंचे। करीब तीन घंटे चली बैठक में नर्सों ने मांग रखी कि स्टाफ नर्सों की ड्यूटी व अवकाश संबंधी कार्य एसआईसी डॉ. बीएन शुक्ला के बजाय मैट्रन के माध्यम से संचालित किए जाएं। साथ ही घटना की जांच के लिए मेडिकल कॉलेज का कोई सदस्य कमेटी में न रखा जाए। स्थिति सामान्य करने के लिए शनिवार शाम 5:15 बजे इंटर्नशिप डॉक्टर अजीत कुमार वर्मा ने स्टाफ नर्स जयप्रकाश से सामूहिक रूप से माफी मांगी और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न होने का आश्वासन दिया। इसके बाद धरना समाप्त हुआ और अस्पताल में कार्य सुचारू रूप से शुरू हो गया।
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सप्ताह भर में रिपोर्ट देगी कमेटी
मामले की निष्पक्ष जांच के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने डीएम को पत्र लिखकर कमेटी बनाने की मांग की। इसके बाद डीएम दीपक मीणा ने सिटी मजिस्ट्रेट उत्कर्ष श्रीवास्तव की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी। कमेटी में एडिश्नल सीएमओ उत्कर्ष श्रीवास्तव और सीओ गोरखनाथ रवि सिंह को रखा गया है। यह कमेटी सप्ताह भर में जांंच कर रिपोर्ट डीएम को सौंपेगी। डीएम ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
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