- एकेटीयू में दो दिन के प्रशिक्षण और कुलाधिपति के आह्वान के बाद डीडीयू प्रशासन का बड़ा निर्णय
- तैयार हो रही एआई लैब, बनने के बाद सभी छात्रों को मिलेगा इसका लाभ
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) भविष्य की तकनीक है। कदम-कदम पर इसकी जरूरत पड़नी है। इसे देखते हुए दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने हर विषय में एआई को शामिल करने का निर्णय लिया है। इसके लिए सभी पाठ्यक्रम अपग्रेड किए जाएंगे।
दरअसल, राजभवन की ओर से एकेटीयू, लखनऊ में एआई को लेकर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित थी। इसमें प्रदेशभर के राज्य विश्वविद्यालयों का प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ। इस कार्यशाला में कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने भी सभी विश्वविद्यालयों से एआई को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाए जाने को लेकर आह्वान किया। डीडीयू प्रशासन के मुताबिक, कला, विज्ञान, वाणिज्य या किसी भी संकाय का छात्र हो, एआई का उपयोग हर विद्यार्थी को सिखाया जाएगा। सभी छात्र-छात्राओं को प्रैक्टिकल और ट्यूटोरियल कराया जाएगा। एआई की जरूरत के हिसाब से पाठ्यक्रम अपग्रेड भी किए जाएंगे। हर विषय में किसी ने किसी रूप में एआई को शामिल किया जाएगा।
-
एआई लैब की हो रही स्थापना
प्रधानमंत्री उषा योजना के तहत मिले 100 करोड़ रुपये में से परिसर में अत्याधुनिक एआई लैब की भी स्थापना की जा रही है। यह प्रयोगशाला प्रशिक्षण, अनुसंधान एवं नवाचार का केंद्र बनेगी।
-
कोट
यह कृत्रिम बुद्धिमत्ता का युग है। हमारा प्रयास है कि एआई को केवल एक विषय नहीं बल्कि सभी पाठ्यक्रमों का अभिन्न हिस्सा बनाया जाए, ताकि प्रत्येक विद्यार्थी भविष्य की चुनौतियों के लिए सक्षम बन सके। इसके तहत एआई को समाहित करने की व्यापक योजना पर कार्य किया जा रहा है। इससे प्रत्येक विद्यार्थी एआई की मूलभूत समझ के साथ उसके अनुप्रयोग की क्षमता भी विकसित कर सकेगा।
- प्रो. पूनम टंडन, कुलपति, डीडीयू