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Health Alert: गोरखपुर में मंकीपॉक्स को लेकर अस्पतालों में अलर्ट जारी, सीएमओ ने जारी किए जरूरी निर्देश

Mon, 30 May 2022 12:18 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने कहा कि मंकीपाक्स को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है। यदि इस तरह के मरीज आते हैं तो उनके लिए जिला अस्पताल में पांच और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर दो-दो बेड आरक्षित किए गए हैं।
 
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मंकीपॉक्स का खतरा। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मंकीपॉक्स को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने रविवार को सभी अस्पतालों में अलर्ट जारी किया है। साथ ही जरूरी एहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं। मंकी पाक्स के लक्षण मिलने वाले मरीजों को अलग वार्ड में भर्ती किया जाएगा। जिला अस्पताल में पांच और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर दो-दो बेड आरक्षित किए गए हैं।

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सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने बताया कि मंकी पाक्स का कोई भी मरीज अभी नहीं मिला है। लेकिन, अस्पतालों को सजगता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि मंकी पाक्स नामक वायरस से व्यक्ति को पहले बुखार आता है। उसके बाद शरीर में चक्कते पड़ने लगते हैं। लिम्फनोड़ जैसे लक्षण मिलते हैं, जो दो से चार सप्ताह तक रहते हैं।

यह वायरस आंख, नाक, मुंह के जरिए शरीर में प्रवेश करता है। इसके अलावा संक्रमित जानवरों के काटने पर भी इससे संक्रमण हो सकता है। अगर किसी भी मरीज में इस तरह का लक्षण पाया जाता है तो उसके सैंपल को पूणे स्थित इंस्टीट्यूट वायरोलॉजी लैब में भेजा जाएगा।
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क्या है मंकीपॉक्स वायरस

मंकी पाक्स स्मालपाक्स की तरह ही एक वायरस इंफेक्शन है, जो चूहों और खासकर बंदरों से इंसानों में फैल सकता है। अगर कोई जानवर इस वायरस से संक्रमित है और इंसान उसके संपर्क में आता है तो आशंका है कि उसे भी मंकी पाक्स हो जाए। यह देखने में चेचक का बड़ा रूप लगता है।

मंकीपॉक्स के लक्षण

पूरे शरीर पर गहरे लाल रंग के दाने, निमोनिया, तेज सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, ठंड लगना, अत्यधिक थकान, तेज बुखार आना, शरीर में सूजन, एनर्जी में कमी होना, स्किन में लाल चकत्ते, कुछ समय बाद लाल चकत्ते का घाव का रूप ले लेना आदि।

सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने कहा कि मंकीपाक्स को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है। यदि इस तरह के मरीज आते हैं तो उनके लिए जिला अस्पताल में पांच और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर दो-दो बेड आरक्षित किए गए हैं।
 
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