गोरखपुर के माथाबारी में विद्यार्थियों से संवाद के दौरान वायु सेना प्रमुख ने कहा कि देश ने हमें बहुत कुछ दिया है, इसलिए अपनी क्षमता के अनुसार समाज और राष्ट्र को कुछ लौटाने का प्रयास करना चाहिए।
देशसेवा का अर्थ केवल वर्दी पहनकर सीमा की रक्षा करना नहीं है। व्यक्ति जिस भी क्षेत्र में कार्यरत हो, वहां अपने दायित्वों का पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी से निर्वहन करना भी देशसेवा है। कर्म को पूजा मानकर कार्य करें और अपनी जिम्मेदारियों से कभी पीछे न हटें। यह संदेश वायु सेना प्रमुख एपी सिंह ने बृहस्पतिवार को गोरखपुर में पीपीगंज के माथाबारी में विद्यार्थियों से संवाद के दौरान दिया।
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विद्यार्थियों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि जीवन में मिली उपलब्धियों पर गर्व अवश्य करें, लेकिन अहंकार से बचें। सफलता के साथ विनम्रता बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि देश के प्रति जिम्मेदारी केवल कर भुगतान तक सीमित नहीं होनी चाहिए। देश ने हमें बहुत कुछ दिया है, इसलिए अपनी क्षमता के अनुसार समाज और राष्ट्र को कुछ लौटाने का प्रयास भी करना चाहिए।
उन्होंने युवाओं को अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने के साथ-साथ समाज के प्रति संवेदनशील रहने की सीख दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। यह आवश्यक नहीं है कि हर व्यक्ति वर्दी पहनकर ही राष्ट्र की सेवा करे। शिक्षक, चिकित्सक, इंजीनियर, किसान, उद्यमी या किसी भी क्षेत्र में कार्यरत व्यक्ति अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करके देश को मजबूत बनाने में योगदान दे सकता है।