इन अनाजों का इस्तेमाल हमारे पुरखे करते आ रहे थे, लेकिन धीरे-धीरे इन अनाजों का इस्तेमाल पूरी तरह से बंद हो गया। इसकी वजह से लोगों में बीमारी भी बढ़ती जा रही है। कम आयु वर्ग के लोग भी बीपी, शुगर, थायरॉयड जैसी समस्याएं देखने को मिल रही है। लेकिन, अब फिर से मोटे अनाज की ओर रूख करना होगा, क्योंकि यह सेहत का खजाना है। इसका सही इस्तेमाल कई तरह की गंभीर बीमारियों को रोक सकता है।
इन बीमारियों पर पाया जा सकता है काबू
डॉ. सुरेखा किशोर ने बताया कि मरीजों और तीमारदारों को यह बताया जा रहा है कि इनके इस्तेमाल से किस तरह गंभीर बीमारियों पर काबू पाया जा सकता है। रक्त कैंसर, शुगर, पीलिया, जोड़ों के दर्द, ब्लड प्रेशर, खून की कमी, हाइपरटेंशन, कोलेस्ट्रॉल, अस्थमा, ह्दय के लिए, त्वचा, मानसिक संतुलन, वजन कम करने, बालों के लिए, खून की कमी, जोड़ों के दर्द से निपटारा मिल सकता है। बताया कि एमबीबीएस छात्रों को भी इसकी जानकारी दी जा रही है, जिससे की छात्र भविष्य में मरीजों को मोटे अनाज के फायदे बता सके।
सांबा चावल है में छिपा है सेहत का राज
डॉ. सुरेखा किशोर ने बताया कि सांबा चावल में सेहत का राज छिपा है। इसके सेवन से खून की कमी, शुगर नियंत्रित, थायरॉइड पर नियंत्रण, थकान, पीलिया, कब्ज और कैंसर के लिए फायदे मंद है। इसके अलावा रागी में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी इंफ्लेमेटरी मिलता है। इससे शुगर, एंटी कैंसर, वजन कम होता है। बाजरा के सेवन ह्दय मरीजों के लिए लाभदायक है। इसके इस्तेमाल से कोलेस्ट्रॉल कम होता है, अस्थमा की दिक्कत नहीं होती है। चना ब्लड प्रेशर को कम करता है। खून की कमी और मानसिक संतुलन को सही रखता है। कोदो के सेवन से स्तन कैंसर का खतरा बेहद कम है। साथ ही यह हड्डियां, पित्त की पथरी में लाभकारी है।
एम्स निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर ने कहा कि मोटा अनाज हमारे सेहत के लिए खजाना है। इसका इस्तेमाल से कैंसर से लेकर शुगर, पीलिया, चर्म रोग, कोलेस्ट्रॉल जैसी गंभीर बीमारियां रुकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल का थीम भी मोटा अनाज ही रखा है। इस दिशा में एम्स ने काम करना शुरू कर दिया है। मरीजों और उनके तीमारदारों को मोटे अनाज के फायदे बताएं जा रहे हैं।