गोरखपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की पार्किंग स्टैंड का संचालन अब एम्स प्रबंधन खुद करेगा। जारी टेंडर को निरस्त कर दिया गया है। ये फैसला, टेंडर की शर्तों में कथित रूप से किसी विशेष व्यक्ति को लाभ दिलाए जाने जैसे आरोपों के आधार पर लिया गया है। अब, उम्मीद है प्रबंधन एम्स के गार्डों से ही पार्किंग की वसूली करवाएगी।
18 दिसंबर 2025 को जारी पार्किंग टेंडर की शर्तों पर सवाल उठने लगे थे। इसके बाद प्रशासन की ओर से शुद्धि पत्र जारी किया गया, लेकिन शुद्धि पत्र का नंबर मूल टेंडर से अलग रखा गया। इस कारण भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई। जिन ठेकेदारों ने शुद्धि पत्र के नंबर के आधार पर टेंडर डाला, उनको कुछ लोगों ने मूल टेंडर का नंबर न डालने पर आवेदन निरस्त होने की जानकारी दी। इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए एम्स प्रशासन ने टेंडर प्रक्रिया को ही रद्द करने का निर्णय लिया। ईडी डॉ. विभा दत्ता ने बताया कि फिलहाल पार्किंग स्टैंड का टेंडर निरस्त के दिया गया है। आगे प्रबंधन सभी बिंदुओं पर विचार करने के बाद फैसला करेगा।