कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि प्रदेश में चलने वाले उद्योगों में 20 प्रतिशत बायो कोल खर्च किया जाएगा। भट्ठों में इसका अधिक उपयोग किया जाएगा। इसके लिए शासनादेश जारी कर दिया गया है।
शाही नवार्ड द्वारा दीक्षा भवन में किसान सम्मान समारोह में उपस्थित लोगों के बीच अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बढ़ता प्रदूषण गंभीर समस्या है। इस नाते सरकार ने यह फैसला लिया गया। मंत्री नावार्ड के प्रतिनिधियों तथा आयोजकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस पिछड़े इलाके का चयन कर नवार्ड के लोगों ने सराहनीय कार्य किया। यहां के किसान बड़ा परिवर्तन करने जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि 55 प्रतिशत रोजगार कृषि क्षेत्र पर निर्भर है। प्रदेश में 1.25 लाख मीट्रिक टन खाद्यान का उत्पादन होता है। कृषि उत्पाद की गुणवत्ता सुधारने की आवश्यकता है। प्रदेश में 362 एफपीओ के गठन की प्रक्रिया चल रही है। इसके माध्यम से किसानों को बेहतर करने के लिए उपाय बताए जाएंगे। आज बाजार में गुणवत्तायुक्त सामान की जरूरत है।
लखनऊ में लग रहा जैविक उत्पाद का बाजार
कृषि मंत्री ने कहा कि आज हर तरफ जैविक उत्पाद की डिमांड बढ़ रही है। उसको बढ़ावा देने के लिए सरकार हर प्रकार का सहयोग किसानों का कर रही है। सरकार ने लखनऊ में जैविक उत्पाद की बाजार स्थापित कर दी है। वहीं दो दिन किसान अपना उत्पाद लेकर आता है। यदि उसका उत्पाद नहीं बिका तो रात को वहां उसे रहने तथा भेाजन की मुफ्त व्यवस्था होती है। इतना ही नहीं आर्गेनिक रिटेल शाॅप लखनऊ में जल्द स्थापित होने जा रहा है।
सम्मेलन में गाजियाबाद के सुंदर चौहान, देवरिया के वेद प्रकाश, रायबरेली के रमेश कुमार, महाराष्ट, के योगेश थोराट, मध्यप्रदेश के आर आर राही, ने अपने कार्यों और अनुभवों के बारे में बताया। इस अवसर पर नाबार्ड के सीजीएम शंकर पांडे, नाबार्ड के कार्यों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
इस अवसर पर विधायक डॉ. राधामोहनदास अग्रवाल, संत प्रसाद, संगीता यादव, शीतल पांडे, उपेद्र दत्त शुक्ला, डॉ. धर्मेंद्र सिंह, कमिश्नर, जयंत नार्लिकर, डीएम के विजयेंद्र पाण्डियन, सहित अन्य कई अधिकारी मौजूद थे।