गोरखपुर। रेलवे में आठ साल बाद विभागीय भर्ती का मौका मिला, लेकिन उम्र सीमा और पदों की कमी ने हजारों रेलकर्मियों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। जनरल डिपार्टमेंटल कम्पिटिटिव एग्जामिनेशन (जीडीसीई) के तहत 2023 और 2024 में निकली भर्ती प्रशासनिक कारणों से रद्द हो गई थी। अब 2026 में भर्ती निकली तो कई कर्मचारी निर्धारित उम्र सीमा पार होने के कारण आवेदन नहीं कर सके। इससे कर्मचारियों में निराशा है।
रेलवे में कार्यरत कर्मचारियों को विभागीय परीक्षा के जरिए दूसरे पदों पर जाने का अवसर मिलता है। इसके लिए 2026 की भर्ती में अधिकतम उम्र सीमा 45 वर्ष निर्धारित की गई है। आवेदन की अंतिम तिथि आठ अक्तूबर थी। लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे कई कर्मचारी इस बीच ओवर-एज हो गए। इनमें दिग्विजयनाथ और देवनारायण भी शामिल हैं।
उनका कहना है कि पिछली भर्तियां रद्द होने में कर्मचारियों की कोई गलती नहीं थी, लेकिन अब उन्हें इसका नुकसान उठाना पड़ रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि 2018 के बाद भर्ती का नियमित अवसर नहीं मिला। 2023 और 2024 में प्रक्रिया शुरू होने के बाद भर्ती रद्द हो गई। इस दौरान उनकी उम्र बढ़ती रही। यदि समय से भर्ती होती तो वे आवेदन कर सकते थे।
अब उम्र सीमा में छूट नहीं मिलने से उनका मौका समाप्त हो गया है। पदों की संख्या घटने से भी कर्मचारियों की परेशानी बढ़ी है। जीडीसीई-2024 में 221 पद थे, जबकि 2026 की भर्ती में इनकी संख्या घटकर 134 रह गई। मुख्य वाणिज्यिक सह टिकट पर्यवेक्षक के 59 पद भी नई भर्ती में शामिल नहीं हैं।
इससे पदोन्नति और दूसरे पदों पर जाने की उम्मीद लगाए कर्मचारियों को झटका लगा है। पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के महामंत्री विनोद राय ने भर्ती के लिए आवेदन की तिथि बढ़ाने, उम्र सीमा में छूट देने की मांग की है।