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Gorakhpur News: जंगल कौड़िया फ्लाईओवर के बाद अब पीपीगंज अंडरपास में दरारें, दहशत

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जंगल कौड़िया फ्लाईओवर की में आईं दरारों को भरते मजदूर। संवाद
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- छह महीने पहले बनकर तैयार हुआ अंडरपास, अभी आवागमन शुरू नहीं
- लोड टेस्टिंग का काम नवंबर के अंतिम हफ्ते में कराए जाने की है योजना
संवाद न्यूज एजेंसी
भरोहिया/ जंगल कौड़िया (गोरखपुर)। गोरखपुर-सोनौली मार्ग पर स्थित जंगल कौड़िया फ्लाईओवर के बाद अब पीपीगंज अंडरपास की छत में दरारें आ गई हैं। अभी यहां वाहनों का आवागमन शुरू नहीं हुआ है। एनएचएआई के अधिकारी लोड टेस्टिंग का काम इसी माह के अंतिम सप्ताह में दिल्ली के विशेषज्ञों से कराने की तैयारी में हैं।

जानकारी के मुताबिक, नयनसर टोल प्लाजा से बनाए गए बाईपास पर पीपीगंज के आगे बंधुपुर गांव में निर्मित अंडरपास में दरारें दिखाई देने से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। यह अंडरपास लगभग छह महीने पहले ही बनकर तैयार हुआ था। दरारें दिखने के बाद लोग किसी दुर्घटना की आशंका जता रहे हैं।
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स्थानीय निवासी बंटी सिंह, सत्यम मद्धेशिया व मोहित चौहान का कहना है कि इतनी जल्दी दरार पड़ गई। इसमें इस्तेमाल सामग्री की जांच जरूरी है। वहीं पीएनसी इंफ्राटेक के अधिकारियों का दावा है कि सभी फ्लाईओवर व अंडरपास का लोड टेस्ट किया जाएगा और सुरक्षा मानकों की पूरी जांच होगी।
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कोट
जंगल कौड़िया फ्लाईओवर के बाद अब पीपीगंज अंडरपास में दरारें आई हैं। यह गंभीर विषय है, इसकी जांच होनी चाहिए।
- अभिषेक सिंह, पीपीगंज
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मंगलवार को दोपहर में हमने भी जाकर देखा। एक दरार तो बहुत बड़ी है। नीचे से ही साफ दिखाई दे रही है। इसकी जांच होनी चाहिए और मरम्मत जरूरी है।
- डॉ आकाश दुबे, पीपीगंज
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वर्जन
अधिक तापमान के चलते दरारें आई हैं। इसकी जांच कराई जाएगी। सुरक्षा की दृष्टि से लोडिंग टेस्ट कराने के बाद ही हैंडओवर किया जाएगा।
- केपीएस भदौरिया, चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर, पीएनसी




जंगल कौड़िया फ्लाईओवर की छत में दरार पड़ने की जांच कराई जा रही है। सप्ताह भर में रिपोर्ट आ जाएगी। इसी तरह पीपीगंज अंडरपास में आई दरार की भी जांच कराई जा रही है। यहां भी मरम्मत कराई जाएगी। फ्लाईओवर बिल्कुल सुरक्षित है। दोनों जगहों की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।



- ललित प्रताप पाल, परियोजना निदेशक, एनएचएआई
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जंगल कौड़िया फ्लाईओवर में दरारें भरने का काम पूरा, इसी माह लोड टेस्टिंग की तैयारी

- अधिकारियों के मुताबिक, फ्लाईओवर पूरी तरह सुरक्षित, अब तक मिल चुकी हैं 32 दरारें
संवाद न्यूज एजेंसी
जंगल कौड़िया। गोरखपुर-सोनौली मार्ग पर स्थित जंगल कौड़िया फ्लाईओवर के अंडरपास में आई दरारों को भरने का कार्य मंगलवार को पूरा कर लिया गया है। सात दिनों से चल रहे मरम्मत कार्य के बाद अब केवल समतलीकरण (लेवलिंग) और रंगाई-पुताई का कार्य शेष है।

दरअसल, 800 मीटर लंबे फ्लाईओवर में अब तक 32 दरारें मिल चुकी हैं। मरम्मत कार्य में इंजीनियर और मजदूरों को मशक्कत कर दरारें भरनी पड़ीं। दरारों को भरने के लिए 200 से अधिक स्टील रॉड फिट किए गए, जिसके बाद विशेष केमिकल को प्रेशर मशीन से इंजेक्ट किया गया। मंगलवार को निरीक्षण के दौरान एक भी दरार नजर नहीं आई, सभी को भर दिया गया है। भरी हुई दरारों के पास जो केमिकल बाहर निकलकर उभरा हुआ दिख रहा था, उसे कटर और घिसाई मशीन से काटकर समतल कर दिया गया। इसके अलावा, छत से लटकती हुई स्टील रॉड को भी कटर मशीन से काटकर हटा दिया गया है।


कार्यदायी संस्था पीएनसी इंफ्राटेक और एनएचएआई के अधिकारियों ने मंगलवार को भी मौके का मुआयना किया। अधिकारियों के अनुसार, अगर किसी भी प्रकार की समस्या होती तो अब तक आवागमन रोक दिया गया होता। अधिकारियों का मानना है कि यदि फ्लाईओवर की छत में कोई दिक्कत होती तो दरारें जरूर चौड़ी हुई होतीं।
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एनएचएआई के परियोजना निदेशक ललित प्रताप पाल ने बताया कि फ्लाईओवर के भार सहन क्षमता जांचने वाला टेस्ट मार्च 2026 में होना था, उसे नवंबर के अंतिम सप्ताह में ही कराया जाएगा। इस टेस्ट को करने के लिए दिल्ली से विशेषज्ञ आएंगे और इसमें तीन से चार दिन लगेंगे। यह टेस्ट फ्लाईओवर के भार सहन करने की क्षमता का सटीक ज्ञान देता है, जिसका आंकड़ा लिखित तौर पर भी मेंटेन किया जाता है।
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