सामान लोड करने के बाद चालक ने अपना मोबाइल चार्जिंग में लगा दिया और बाइक लेकर चौराहे पर कुछ खाने की बात कहकर चला गया। देर रात तक वापस नहीं लौटा तो ट्रक भेजने वाले ट्रांसपोर्टर से संपर्क किया गया। फिर यह सोचकर की त्योहार है, सब बुधवार को जाने की बात कहने लगे।
इसे भी पढ़ें: दिल्ली-मुंबई से आने वालों के लिए स्पेशल गाड़ियों में भी सीटें फुल, करनी होगी नई प्लानिंग
बुधवार को भी चालक नहीं आया, लेकिन उसके फोन पर पत्नी का कॉल आया, जिसने बताया कि रात में आए थे और सुबह ट्रक लेने गए हैं। लेकिन बृहस्पतिवार की शाम तक भी न तो चालक ट्रक लेकर गया और न ही ट्रांसपोर्टर ही पहुंचा। उधर पन्नेलाल ने पुलिस को सूचना देकर अपनी समस्या बताई है। दरअसल इन्हें चिंता है कि अगर समय से आर्डर की डिलिवरी नहीं हुई तो पूंजी डूब जाएगी।