डूडा परियोजना अधिकारी विकास कुमार सिंह ने बताया कि कमिश्नर ने जांच का निर्देश दिया था। पिछले तीन-चार वर्षों की फाइलों की जांच की गई है। ऐसी शिकायतों की भी जांच की गई, जो डूडा दफ्तर में की गई थीं, लेकिन अभी तक ऐसा कोई मामला नहीं मिला है। इस संबंध में कमिश्नर को अवगत करा दिया गया है। मामले की जांच होती रहेगी। जैसे ही मामला पकड़ में आएगा संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने बताया कि कम दूरी की सड़क का निर्माण कर ज्यादा दूरी तक का भुगतान कराने के संबंध में मुख्यमंत्री से शिकायत हुई है। अभी पूरी जानकारी नहीं मिल पाई है। ऐसे एक या दो मामले ही होंगे। उनका पता लगाया जा रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर तीनों ही विभागों नगर निगम, डूडा और आरईएस के अफसरों को शासन से संपर्क कर शिकायत का पता लगाने और मामले की जांच कर पूरी रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है। रिपोर्ट मिलते ही संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी।
शहर के शाहपुर वार्ड निवासी युवराज सक्सेना ने कम निर्माण कराकर पूर्ण भुगतान लेने संबंधी शिकायत सीएम से करते हुए जांच की मांग की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की गई शिकायत में उन्होंने कहा है कि वार्ड नंबर 34, शाहपुर, वी-मार्ट के सामने, शिव मंदिर गली में अवस्थापना निधि द्वारा 14 लाख से (मेडिकल रोड से मनीष सक्सेना के मकान से होते हुए शिव मंदिर तक) सड़क और नाली का निर्माण होना था, परंतु निर्माण केवल मनीष सक्सेना के मकान तक ही हुआ है।
जबकि कार्यादेश और प्रस्तावित नक्शे में शिव मंदिर तक सड़क का निर्माण करना था। अवर अभियंता द्वारा आईजीआरएस में प्रार्थनापत्र का जवाब दिया गया कि संबंधित स्थल विवादित है अत: निर्माण नहीं हो सकता। इसके अनुसार इस कार्यादेश में मंदिर तक सड़क और नाला निर्माण के लिए धन बचा होना चाहिए था परंतु अवर अभियंता द्वारा पूर्ण भुगतान कर दिया गया है।