कठिनईया में लापता हुए दोनों दोस्त का शव मिलने की जैसे ही खबर खरवनिया कला गांव में पहुंची, वैसे ही कोहराम मच गया। समूचे गांव में मातम फैल गया। पीड़ित परिजनों के साथ ही गांव के अधिकांश घरों में चूल्हा नहीं जला। पीड़ित परिजनों का रो- रोकर बुरा हाल है। आसपास गांवों के लोग भी पीड़ितों के घर पहुंच कर सांत्वना दिए।
अंतिम विदाई में रो पड़े गांव के लोग
प्रांजल और शिवा की अंतिम विदाई के दौरान समूचा गांव रो पड़ा। लोग दोनों किशारों की गहरी दोस्तों का जिक्र किए और उनकी आंखें नम हो गई। लोग यहीं कह रहे थे कि इस घटना में एक साथ दो घरों को जख्म मिला है। जिसे भरने में वक्त लगेगा। लोग पीड़ित परिजनों के दुख को कम करने के लिए उन्हें ढांढस बंधा रहे थे। देर शाम पीड़ित परिजनों के घरों पर आने-जाने वाला का सिलसिला जारी था।