उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के सदर कोतवाली के एक मुंशी की अभद्रता से नाराज अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को एसपी कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर गुस्से का इजहार किया। अधिवक्ताओं ने अभद्र व्यवहार करने वाले मुंशी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
एसपी को सौंपे ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने कोतवाली में हुई घटना का हवाला देते हुए मुंशी को कसूरवार ठहराया है। अधिवक्ताओं की शिकायत सुनने के बाद एसपी ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद अधिवक्ता शांत हुए।
जानकारी के मुताबिक, खजुरियां गांव के रहने वाले अधिवक्ता गजातिहारी नंदन पटेल ने बताया कि 21 जनवरी की शाम को शहर में कार सड़क के किनारे खड़ा कर दवा लेने चला गया। वापस आया तो एक टेंपो से कार में ठोकर लग गई। टेंपो चालकों को कोतवाली लेकर पहुंचा। वहां अपना परिचय बताया।
अधिवक्ता का आरोप है कि कोतवाली में तैनात मुंशी मनीष टेंपो चालक को किनारे लेकर गया और रकम लिए। इसके बाद आने पर मुझे ही खरी खोटी सुनाने लगे। उनके अभद्र व्यवहार से मेरी सामाजिक प्रतिष्ठा धुमिल हुई है। मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी गई। उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
वहीं आरोपी मुंशी मनीष ने कहा कि आरोप बेबुनियाद हैं। कोतवाली में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति से सम्मानजनक व्यवहार किया जाता है। वह अपने मनमाफिक कार्रवाई कराना चाहते थे, नहीं होने पर बेवजह का आरोप लगाया जा रहा है।
प्रदर्शन के दौरान दिग्विजय नाथ द्विवेदी, करूणाकर त्रिपाठी, आशा नंद पांडेय, उमेश तिवारी, अभिजित सिंह, दिनेश गुप्ता, राकेश मणि, राजकिशोर मणि त्रिपाठी, सुमंत पटेल, अखिलेश पटेल, राजेश शर्मा, प्रदीप, रविंद्र पांडेय आदि मौजूद रहे।