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Gorakhpur News: हार्ट अटैक से हुई थी अधिवक्ता की मौत, हटेगी हत्या की धारा

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अग्निवेश सिंह प्रकरण : पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ खुलासा, मारपीट और धमकी के केस की होगी विवेचना
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- नाबदान के पानी की निकासी लेकर हुई मारपीट की बीच अधिवक्ता की हो गई थी मौत

- भाई ने दूसरे पक्ष के खिलाफ हत्या और मारपीट की धारा में दर्ज कराई थी प्राथमिकी
गोरखपुर। नगर पंचायत बांसगांव के वार्ड नंबर-9 निवासी अधिवक्ता अग्निवेश सिंह की मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। शुरुआती आरोपों और हत्या की प्राथमिकी के बाद अब पोस्टमार्टम में सामने आया है कि उनकी मौत किसी गंभीर चोट से नहीं बल्कि हार्ट अटैक से हुई थी। इस रिपोर्ट के बाद पुलिस हत्या की धारा हटाने की तैयारी में है। पुलिस सूत्रों के अनुसार मामले की विवेचना अब मारपीट और धमकी की धारा में होगी।

अधिवक्ता के पड़ोस के रहने वाले सौरभ सिंह शुक्रवार को घर के नाबदान का पानी गिराने के लिए नाले में पाइप डाल रहे थे। अधिवक्ता अग्निवेश सिंह ने अपने दरवाजे के रास्ते पाइप ले जाने से रोका तो विवाद हो गया। आरोप है कि सौरभ ने अपने पिता संजय सिंह, मां पूनम सहयोगी प्रिंस और हिमांशु के साथ मिलकर लोहे की रॉड, धारदार हथियार और लाठी-डंडों से उन पर हमला कर दिया था। अधिवक्ता के पिता सुनील सिंह, माता मंजू सिंह और भाई नीतीश बचाव के लिए पहुंचे तो उनके साथ भी मारपीट की गई। इसी बीच अग्निवेश नाले में गिर गए। उनके भाई नीतीश ने तहरीर में आरोप लगाया था कि हमलावरों ने पिटाई के बाद अग्निवेश को नाले में फेंक दिया, जिससे उनकी मौत हो गई थी।
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पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटनास्थल पर हुई झड़प के दौरान अग्निवेश को सीने में तेज दर्द हुआ। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए शव का पोस्टमार्टम कराया गया। फिलहाल, जांच के लिए विसरा भी प्रिजर्व किया गया है। प्राथमिक जांच में हार्ट अटैक से मौत की पुष्टि हुई है, न कि किसी घातक चोट से। हालांकि, झड़प के दौरान दोनों पक्षों में जमकर लाठी-डंडे चले थे। अधिवक्ता के गुस्साए परिजनों ने दूसरे पक्ष के सौरभ सिंह को पीटा था, उसका मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है और हालत गंभीर बताई जा रही है।


हत्या की धारा में दर्ज हुई थी एफआईआर
घटना के बाद मृतक के भाई ने दूसरे पक्ष के खिलाफ हत्या और मारपीट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। प्रारंभिक बयानबाजी और तनावपूर्ण माहौल के चलते क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस हत्या की धारा हटाने की प्रक्रिया में जुट गई है। अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। मारपीट और बलवा की धाराएं यथावत रह सकती हैं।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है, लिहाजा विसरा सुरक्षित रखा गया है। हालांकि डॉक्टरों के मुताबिक हार्ट अटैक से मौत जैसे लक्षण मिले हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर हत्या की धारा हटाते हुए विवेचना की जाएगी।
- अनुज सिंह, सीओ बांसगांव
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