गोरखपुर। मौसम के बदले मिजाज की वजह से कुछ फसलों पर अच्छा तो कुछ पर बुरा असर पड़ सकता है। बारिश और तेज हवा के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है। लगातार बारिश से जहां धान समेत कुछ खरीफ फसलों को पर्याप्त नमी मिलने से फायदा हो सकता है, वहीं खेतों में जलभराव और तेज हवा से कई फसलों को नुकसान की आशंका है।
कृषि विज्ञान केन्द्र, बेलीपार के पादप सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ. शैलेन्द्र सिंह के अनुसार धान की फसल के लिए यह बारिश वरदान साबित होगी, विशेषकर जिन खेतों में पहले नमी की कमी थी, उनके लिए बहुत ही फायदेमंद साबित होगी। वहीं दूसरी तरफ, तेज हवा के साथ अत्यधिक बारिश होने पर धान के पौधों के गिरने की समस्या सामने आ सकती है।
मक्का, केला और पपीता में तेज हवा से पौधों के गिरने का खतरा रहता है। सब्जी उत्पादक किसानों के लिए भी मौसम चुनौतीपूर्ण है। टमाटर, मिर्च, भिंडी, बैंगन सहित अन्य सब्जियों में लगातार नमी रहने से फफूंद व अन्य रोग, कीट बढ़ सकते हैं। वहीं दलहनी और तिलहनी फसलों में पकने के समय अधिक बारिश से दाने की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका रहती है। डॉ. शैलेन्द्र ने किसानों को सलाह दी है कि खेतों में जलनिकासी की उचित व्यवस्था रखें और अनावश्यक सिंचाई न करें। केला, पपीता जैसी फसलों में पौधों को सहारा देने तथा सब्जियों में कीट और रोगों की नियमित निगरानी करने की किसानों को सलाह दी गई है। मौसम साफ होने के बाद ही खेत की स्थिति देखकर खाद व कीटनाशक का प्रयोग करें और अधिक जानकारी के लिए कृषि विज्ञान केन्द्र, बेलीपार के वैज्ञानिकों या कृषि विभाग से किसान संपर्क कर सकते हैं।