मौखिक सहमति पर क्रमिक धरना समाप्त, 10 तक लिखित आदेश नहीं तो आमरण अनशन करेंगे गुआक्टा के पदाधिकारी
गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय संबद्ध महाविद्यालय शिक्षक संघ (गुआक्टा) के आंदोलन ने मंगलवार को विश्वविद्यालय प्रशासन को बैकफुट पर ला दिया। दूसरे दिन के क्रमिक धरने के दौरान शिक्षकों ने सुबह प्रशासनिक भवन पर तालाबंदी कर दी, जिससे प्रशासनिक भवन में कामकाज ठप हो गया। बाद में कुलपति धरना स्थल पर पहुंचीं व शिक्षकों से वार्ता की।
धरना स्थल पर गुआक्टा पदाधिकारियों ने कुलपति को आठ सूत्रीय मांगपत्र सौंपते हुए तत्काल निर्णय की मांग की। कुलपति ने छह अगस्त को प्रस्तावित दीक्षांत समारोह का हवाला देकर शिक्षकों से सहयोग मांगा और सभी मांगों पर मौखिक सहमति जताई। साथ ही 10 अगस्त को अपराह्न तीन बजे शिक्षक प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया।
कुलपति के मौखिक आश्वासन के बाद कार्यकारिणी ने धरना स्थगित करने का फैसला लिया। संघ के महामंत्री डॉ. निरंकार राम त्रिपाठी ने कहा कि यदि 10 अगस्त तक मांगों पर लिखित आदेश जारी नहीं हुआ तो वह कुलपति कार्यालय पर आमरण अनशन शुरू करेंगे।
धरने में संघ के उपाध्यक्ष प्रो. राम अवतार वर्मा, संयुक्त मंत्री डॉ. प्रद्योत सिंह, प्रो. अनंत कीर्ति तिवारी व गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर समेत विभिन्न जनपदों की जिला एवं महाविद्यालय इकाइयों के सैकड़ों शिक्षक शामिल रहे।