चौरीचौरा की घटना के शताब्दी वर्ष के मौके पर शहीदों को नमन करने के साथ ही प्रशासन अब पूर्वांचल में सुनहरी शहकरकंद की खेती को बढ़ावा देने में भी जुट गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को प्रस्तावित सुनहरी महोत्सव की तैयारियां तेज हो गई हैं। पौष्टिकता से भरपूर शकरकंद को शहर के सभी प्रमुख होटल और रेस्त्रां के मेन्यू में भी जगह दिलाई जा रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर यह पहला मौका है जब झांसी के स्ट्रॉबेरी महोत्सव की तर्ज पर गोरखपुर जिले में सुनहरी महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है। इसके बाद कुछ और जिलों में भी इस महोत्सव का आयोजन हो सकता है।
गोरखपुर में महोत्सव का मुख्य आयोजन होटल रैडिसन में होगा। इसके अलावा जिले के तकरीबन 40 के करीब होटल और रेस्त्रां में सुनहरी के व्यंजनों को स्टार्टर, मेन कोर्स और डेजर्ट के रूप में परोसा जा सकता है। महोत्सव में शकरकंद के डिशेज और अन्य उपयोग पर भी चर्चा होगी। सुनहरी, शकरकंद की एक प्रजाति है जो केन्या में पाई जाती है, लेकिन इसे गोरखपुर के आबोहवा में भी उगाने में कृषि वैज्ञानिक डॉ रामचेत चौधरी को सफलता मिली है।