मुख्यमंत्री के जनता दरबार में गए 113 फरियादियों की समस्या बृहस्पतिवार को एडीजी अखिल कुमार ने विवेचकों की मौजूदगी में सुनी। सबकी फरियाद सुनने के बाद एडीजी ने जल्द से जल्द कार्रवाई का आदेश मातहतों को दिया।
जानकारी के मुताबिक, कई बार जनता दरबार में एक ही समस्या लेकर पहुंचे फरियादियों को एनेक्सी भवन में बृहस्पतिवार को बुलाया गया था। एडीजी अखिल कुमार ने पीड़ित और पुलिस को आमने-सामने बैठा दिया। यहां कई मामलों में पुलिस की लापरवाही भी सामने आई। अधिकारियों ने संबंधित पुलिस को मामलों में वार्निंग देते हुए तत्काल कार्रवाई करने के आदेश दिए।
इस दौरान 113 मामले पहुंचे। इनमें सबसे ज्यादा असंतुष्ट 57 मामले गोरखपुर उत्तरी क्षेत्र के पहुंचे। जबकि, दक्षिणी क्षेत्र के 23 मामले आए। शहरी इलाके के भी 33 मामलों में पीड़ित पुलिस से असंतुष्ट दिखे।
इस तरह की शिकायतें आईं सामने
बांसगांव इलाके के सिरसिया निवासी चंदा देवी ने बताया कि उनके 6 साल के बेटे लक्ष्य उर्फ गोलू की दो अप्रैल, 2022 को अपहरण कर हत्या कर दी गई थी। उसकी लाश गांव के पास झाड़ियों में फेंक दी गई थी। महिला ने रोते हुए बताया कि इस घटना के बाद सिर्फ उनका परिवार ही नहीं, बल्कि पूरा गांव दहशत में है। मगर, दो महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस ने इसमें कोई कार्रवाई नहीं की।
बेलघाट इलाके के विशंभरा गांव के रहने वाले रामकृपाल का कहना था कि 28 मई की रात उनके भाई को गांव के ही कुछ लोगों ने बुरी तरह पीटा था। हमलावर उसे मरा हुआ समझकर भाग गए। पुलिस ने इस मामले में हत्या की कोशिश का केस दर्ज किया। मगर, हमलावरों को गिरफ्तारी नहीं किया।
हिस्ट्रीशीटर गोलू राय पर पांच लाख रुपये का हड़पने का आरोप लगाते हुए पहुंचीं गोला की रेखा देवी ने बताया कि पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। एक महिला सीओ से शादी को लेकर गोलू राय चर्चा में आया था। तब तत्कालीन एडीजी दावा शेरपा की रिपोर्ट पर सीओ को गोरखपुर से हटाया गया था। एडीजी ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए हैं।