जो भी व्यक्ति अपने घर पर या फिर आसपास सीसीटीवी कैमरा लगवाएगा, वह त्रिनेत्र मित्र नाम से जाना जाएगा। उन्हें सत्यापन के बाद पुलिस की ओर से एक सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा। जल्द ही इसका एक वेबसाइट भी बन जाएगा, जिस पर कैमरा लगवाने की जानकारी साझा कर सकते हैं और फिर वहीं से सर्टिफिकेट भी डाउनलोड किया जा सकता है।
कैमरे की मदद से पकड़े गए बदमाश
शहर में 91 लोगों की मदद से पुलिस ने 176 जगहों पर सीसीटीवी कैमरा लगवाया है। इसका फायदा भी पुलिस को मिला है। शाहपुर में हुई हत्या हो या फिर मोहद्दीपुर में चोरी, लूट में पकड़े गए बदमाश। सबमें पुलिस को सीसीटीवी कैमरे से मदद मिली है। पुलिस ने इसकी मदद से बदमाशों को न सिर्फ पकड़ा, बल्कि लूटे गए सामान को बरामद कर लोगों को वापस कराया है। एडीजी का मानना है कि अगर पुलिस को हर घर कैमरा अभियान में लोगों की मदद मिली तो अपराध पर बहुत अंकुश लगेगा।
कैमरा लगवाने में इन बातों का दें ध्यान
- कैमरे को ऐसे लगवाएं कि घर के प्रवेश मार्ग और रास्ते को कवर कर सकें
- कैमरे की गुणवत्ता ऐसी हो, जिससे किसी व्यक्ति का हुलिया/चेहरा पहचाना जा सके
- कैमरे की रिकॉर्डिंग व्यवस्था तीस दिनों तक की हो
- एक कैमरे में पांच हजार से दस हजार रुपये तक आता है खर्च
91 लोगों की मदद से शहर में 170 जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इसका फायदा हुआ है कि आपराधिक घटनाओं में कमी आई है या फिर होने के बाद आरोपी जल्दी पकड़े गए है। दिवाली में हर आदमी को अपने घर के आसपास कैमरा लगाकर एक सुरक्षा कवच बनाना चाहिए।
-अखिल कुमार, एडीजी गोरखपुर जोन