एडीजी अखिल कुमार ने कहा कि चौराहों को अतिक्रमण मुक्त कराने की जिम्मेदारी सिविल पुलिस की होगी। ठेले व अन्य फुटपाथ की दुकानें, चौराहों से दूर लगने दें, लेकिन इनकी नियमित निगरानी करें। एडीजी ने ये निर्देश बुधवार को जाम से निपटने के लिए ऑनलाइन मीटिंग के दौरान संबंधित अधिकारियों को दिए।
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा, एसपी, सीओ व थानेदारों के साथ ऑनलाइन मीटिंग में एडीजी जोन अखिल कुमार ने कहा कि खास तौर पर सोमवार को लगने वाले जाम से जनता खासी परेशान होती है। इससे पुलिस की छवि भी खराब होती है। सबको मिलकर काम करना होगा। शहर के प्रमुख स्थानों पर सड़क किनारे, नर्सिंग होम और दुकानें हैं। इनके बाहर अक्सर जाम लग जाता है। ऐसे नर्सिंग होम और दुकानों को चिह्नित करें। इनके संचालकों से बात करें और उन्हें बताएं कि निजी सुरक्षाकर्मी बाहर खड़ा करके यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाएं। बिना सूचना निर्माण कार्य कराया जा रहा हो तो उसे तत्काल रोक दें। जहां काम हो रहा है, वहां ठेकेदारों को अपने सुरक्षाकर्मी तैनात करने होंगे।
एडीजी ने बताया कि इसके लिए कमिश्नर और डीएम से बात हो गई है। वे भी तैयार हैं। सड़क पर खड़े होने वाले वाहनों को वहीं पर लॉक करने का प्रस्ताव है। इस सिलसिले में कमिश्नर ने उपकरण उपलब्ध कराने का प्रस्ताव मांगा है। रेलवे रोडवेज बस स्टेेशन पर बसों की वजह से जाम लगता है, इसलिए प्राइवेट बसों को शहर से बाहर किया जाए। रोडवेज के आरएम से वार्ता कर सरकारी बसों को सही ढंग से खड़ा कराया जाए।
एप से लगेगी ड्यूटी, नहीं मिलने पर देना होगा जवाब
एसपी सिटी सोनम कुमार ने भी बुधवार को ट्रैफिक के संबंध में बैठक की। पुलिस लाइंस में मातहतों के साथ मीटिंग कर जिम्मेदारी से ट्रैफिक में सहयोग करने की बात कही। एसपी ट्रैफिक ने एप की मदद से ड्यूटी लगाने की व्यवस्था कर दी है। अब ऑनलाइन लोकेशन भी भेजना होगा, ताकि ड्यूटी चेक हो सके। अगर ड्यूटी प्वाइंट से पुलिस वाले हटे तो स्पष्टीकरण लेकर कार्रवाई की जाएगी।