गोरखपुर परिक्षेत्र के रोडवेज बस के सभी चालक व परिचालक वर्दी में नजर आएंगे। उन्हें शर्ट की जेब के पास नेम प्लेट भी लगाना होगा। वर्दी के लिए परिवहन निगम ने रुपये उनके खाते में भेज दिए हैं। बिना वर्दी चालक, परिचालक को बस चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। 10 सितंबर के बाद जांच में जो चालक-परिचालक बिना वर्दी के मिलेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन निगम ने रोडवेज बस चालक के लिए खाकी वर्दी पहनने के साथ ही नाम की प्लेट लगाना अनिवार्य कर दिया है। रोडवेज प्रबंधन ने चालक व परिचालक को वर्दी के लिए इस बार कपड़ा उपलब्ध कराने के बजाय चालक व परिचालक के खाते में वर्दी व नेम प्लेट के लिए 1800 रुपये भेज दिए हैं। साथ ही आदेश दिया है कि 10 सितंबर से वर्दी पहनकर ही वे बसों का संचालन करें। बिना वर्दी के चालक व परिचालक को ड्यूटी नहीं करने दी जाएगी।
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक गोरखपुर डिपो महेश चंद्र ने बताया कि नियमित और संविदा चालक व परिचालक के खातों में वर्दी के लिए रुपये भेज दिए गए हैं। 10 सितंबर से बिना वर्दी वाले चालक और परिचालक को बस चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जांच में जो भी चालक या परिचालक बिना वर्दी के मिला, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।