छह मई को ट्रामा सेंटर से बिहार के मनोज यादव को जबरन नर्सिंग होम भेजा जा रहा था। तब सामने आया था कि जिस दीक्षा नर्सिंग होम में मरीज को भेजा रहा था, उसका सीधा संबंध स्टॉफ नर्स मोना चौरसिया से है। पुलिस ने अपने केस में मोना को आरोपी भी बनाया और जेल भी भिजवाया, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की जांच अभी पूरी नहीं हो सकी है।
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इसके बाद ही एसएसपी ने पूरे प्रकरण की जांच ट्रेनी आईपीएस एएसपी मानुष पारिक को सौंपी थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही चौकी इंचार्ज व दो सिपाही को चौकी से हटा दिय गया था। उनके खिलाफ आरोप है कि वे भी गठजोड़ में शामिल थे। अब धीरे-धीरे कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा रहा है।
एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने कहा कि पुलिस से कुछ लोग उलझ गए थे। पुलिस ने केस दर्ज कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम लगी है। पुलिस गहराई से पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कोई भी बख्शा नहीं जाएगा।