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बाहुबली हरिशंकर तिवारी के परिवार पर बकाया है सात बैंकों का 1129 करोड़ रुपये, कई बैंक जारी कर चुके हैं समन

Tue, 20 Oct 2020 07:09 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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पंडित हरिशंकर तिवारी। (फाइल फोटो) - फोटो : Fb @hari shankar tiwari
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सीबीआई की छापेमारी से चर्चा में आए पूर्वांचल के वयोवृद्ध बाहुबली पूर्व मंत्री हरिशंकर तिवारी, उनके पुत्र चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र से बसपा विधायक विनय शंकर तिवारी और संतकबीरनगर के पूर्व सांसद भीष्मशंकर तिवारी सहित अन्य पर सात बैंकों का 1129 करोड़ रुपये बकाया है। इसका ब्योरा डेबिट रिकवरी ट्रिब्यूनल (डीआरटी) ने सार्वजनिक किया था।

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डीआरटी के मुताबिक फर्म मैसर्स गंगोत्री एंटरप्राइजेज लिमिटेड व अन्य ने अलग-अलग बैंकों से ऋण लिया है। इन फर्मों के कर्ताधर्ता बसपा विधायक व उनके सगे-संबंधी हैं। ज्यादातर बैंक अकाउंट नान परफार्मिंग एसेट (एनपीए) में चले गए हैं। बैंक अकाउंट भी बंद किए जा रहे हैं।

ऋण वसूली में नाकाम सात बैंकों के प्रबंधन ने डीआरटी का दरवाजा खटखटाया है। डीआरटी ने पहले एक जुलाई 2019 को बसपा विधायक विनय शंकर तिवारी सहित 33 सगे-संबंधियों के खिलाफ समन जारी किया था, फिर अलग-अलग समय पर मैसर्स गंगोत्री एंटरप्राइजेज लिमिटेड व अन्य प्रतिवादियों से जवाब मांगा।
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डीआरटी के पास जो मामला पहुंचा है, उसके मुताबिक बसपा विधायक विनय शंकर तिवारी व अन्य ने सबसे ज्यादा ऋण बैंक ऑफ इंडिया से लिया है। बैंक ऑफ इंडिया ने 283.22 करोड़ रुपये की बकाएदारी दिखाई है। बैंक की कुछ और शाखाओं ने भी कंपनी को ऋण दिया है। सबसे ज्यादा ऋण बैंक की महानगर शाखा लखनऊ से दिया गया है।

 

इसी तरह आईडीबीआई ने 216.43 करोड़ रुपये की देनदारी बताई है। आईडीबीआई बैंक लिमिटेड ने 1 जून 2019 तक 25,75,22744 रुपये (पच्चीस करोड़ पचहत्तर लाख बाइस हजार सात सौ चौव्वालीस रुपये) की देनदारी में वयोवृद्ध बाहुबली हरिशंकर तिवारी, बसपा विधायक विनयशंकर तिवारी, पूर्व बसपा सांसद भीष्मशंकर तिवारी व विधान परिषद के पूर्व सभापति गणेश शंकर पांडेय सहित 33 सगे-संबंधियों के खिलाफ संपत्ति नीलामी का समन भी जारी किया था।

सदर तहसील के लच्छीपुर गांव स्थित प्लाट नंबर 183, खाता नंबर 2777 की 0.290 हेक्टेयर और 0.871 हेक्टेयर भूमि की नीलामी होनी थी। नीलामी की शुरूआती कीमत 22.94 करोड़ रुपये रखी गई थी। बैंक प्रबंधन के मुताबिक मैसर्स गंगोत्री एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने आईडीबीआई बैंक से 115.36 करोड़ रुपये का ऋण लिया था। साथ ही 101.07 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी दी थी। दोनों धनराशि 216.43 करोड़ रुपये होती है।

10 जून 2011 को मैसर्स गंगोत्री एंटरप्राइजेज लिमिटेड की तरफ से 20 करोड़ रुपये का एक बैंक खाता बंद करा दिया गया। इससे चिंतित बैंक प्रबंधन ने 25,75,22744 रुपये के एक मामले में 19 जून 2019 को समन जारी करके नीलामी की तारीख तय कर दी थी। इस मामले में बैंक से 13,42, 88, 800 रुपये ऋण लिया गया था। इसपर 12,32, 33,944 रुपये ब्याज बना था।

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की तरफ से भी मैसर्स गंगोत्री एंटरप्राइजेज लिमिटेड व विनय शंकर तिवारी सहित अन्य को 117.96 करोड़ रुपये का समन दिया गया था। इस फर्म के कर्ताधर्ता पूर्व मंत्री हरिशंकर तिवारी और उनके विधायक बेटे विनय शंकर तिवारी ही हैं। कारपोरेशन बैंक, केनरा बैंक, ओबीसी और एक्सिस बैंक ने भी समय-समय पर ऋण वसूली के लिए समन जारी किया है।

 

इन बैंकों से लिए हैं ऋण

बैंक का नाम                          ऋण की धनराशि              बैंक गारंटी               कुल धनराशि (करोड़ में)
बैंक ऑफ इंडिया (लीड बैंक)        114.77                         168.45                    283.22
केनरा बैंक                                48.16                           94.33                   142.49
ओबीसी                                   40.92                           59.52                    100.44
कारपोरेशन बैंक                        73.01                            93.20                   166.21
आईडीबीआई                           115.36                          101.07                   216.43
एक्सिस बैंक                             13.16                             89.83                   102.99
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया               50.26                             67.38                   117.66
कुल                                     455.66                             673.78                1129.44

(ऋण की यह धनराशि 1 जुलाई 2019 तक की है, ब्याज मिलाकर अब धनराशि ज्यादा हो सकती है।)
 
 
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इनके खिलाफ जारी हुआ था समन

हरिशंकर तिवारी (पूर्व मंत्री), रामलाली तिवारी, विनय शंकर तिवारी (विधायक, बसपा चिल्लूपार), रीता तिवारी, कंदर्प शंकर तिवारी, वर्तिका तिवारी, पूर्व सांसद भीष्मशंकर तिवारी, प्रभाशिता तिवारी, सात्विक शंकर तिवारी, ईशान शंकर तिवारी, हर्षिता तिवारी, गणेश शंकर पांडेय (पूर्व सभापति, विधान परिषद), संतोष पांडेय, सुदेश पांडेय, आत्मा पांडेय, अजित पांडेय, अरुणा तिवारी, आकाश शंकर तिवारी, आनंद शंकर तिवारी, कामिनी त्रिपाठी, गिरीश कुमार पांडेय, रामानंद, रीना तिवारी, रमेश पांडेय, रामजी पांडेय, सुधीर दुबे, संजय सिंह, मिथिलेस तिवारी, श्योशंकर तिवारी उर्फ शिव शंकर तिवारी, आनंद कुमार मिश्रा, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव, मैसर्स गंगोत्री एंटरप्राइजेज लिमिटेड, मैसर्स रॉयल एम्पायर मार्केटिंग लिमिटेड और मैसर्स कंदर्प होटल प्राइवेट लिमिटेड।

खौफ: संपत्ति नीलामी का प्रत्यक्ष समन नहीं दे सका बैंक प्रबंधन
पूर्वांचल के वयोवृद्ध बाहुबली व पूर्व मंत्री हरिशंकर तिवारी, उनके पुत्र चिल्लूपार से बसपा विधायक विनय शंकर तिवारी व सगे-संबंधियों को दिल खोलकर ऋण देने वाले बैंकों का प्रबंधन ऋण वसूली का साहस नहीं जुटा पा रहा है। आईडीबीआई बैंक लिमिटेड प्रबंधन ने ऋण वसूली के एक मामले में पूर्व मंत्री, विधायक सहित 33 के खिलाफ संपत्ति नीलामी का समन जरूर जारी किया, लेकिन प्रत्यक्ष रूप से किसी के पास नहीं गए। खौफ ऐसा था कि बैंक प्रबंधन ने कहा, क्योंकि प्रतिवादियों को प्रत्यक्ष रूप से समन नहीं दिया जा सकता, इसलिए सार्वजनिक समन का सहारा लिया गया है।  
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