विवादित पोस्टर को हटाती पुलिस व नगर निगम की टीम
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कैंट थाना क्षेत्र में शास्त्री चौक पर अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की राशि में गबन से जुड़े आरोपों वाला विवादित बैनर लगाने के मामले में कैंट पुलिस ने सपा नेता अरविंद शुक्ला समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। शनिवार दोपहर आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
कलक्ट्रेट चौकी प्रभारी घनश्याम उपाध्याय की तहरीर पर दर्ज प्राथमिकी में सामाजिक उन्माद फैलाने, सड़क जाम करने और नारेबाजी करने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, एफआईआर में विवादित बैनर लगाए जाने का कोई उल्लेख नहीं किया गया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 10 बजे सपा महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी और सपा नेता अरविंद शुक्ला अपने समर्थकों के साथ शास्त्री चौक पहुंचे थे। आरोप है कि वहां बिना अनुमति फ्लेक्स बैनर लगाया गया। सूचना पर कलक्ट्रेट चौकी प्रभारी घनश्याम उपाध्याय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
बैनर हटाने को लेकर पुलिस और सपा नेताओं के बीच कहासुनी भी हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। बाद में नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने बैनर हटवा दिया।
देर रात कलक्ट्रेट चौकी प्रभारी की तहरीर पर कैंट थाने में अरविंद शुक्ला, फ्लेक्स लगाने वाले रामगढ़ताल के रानीबाग निवासी भारत निषाद और फ्लेक्स तैयार करने वाले बड़गो निवासी रामचंद्र मौर्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।
प्राथमिकी में सड़क पर एकत्र होकर नारेबाजी करने, यातायात बाधित करने और सामाजिक उन्माद फैलाने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर शनिवार दोपहर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
गौरतलब है कि जिस विवादित बैनर को लेकर पूरा विवाद शुरू हुआ, उसका एफआईआर में कहीं उल्लेख नहीं किया गया है। पुलिस ने अपनी कार्रवाई का आधार सड़क जाम, नारेबाजी और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने के आरोपों को बनाया है। सीओ आभा सिंह ने बताया कि तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं।