- ठूठीबारी गांव की महिला ने पुलिस की मौजूदगी में मारपीट और कब्जा करने का लगाया आरोप
-न्यायालय के स्थगन आदेश के बावजूद दीवार निर्माण कराने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। ठूठीबारी गांव में कुछ मनबढ़ों ने गोलबंद होकर पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में पहले एक शख्स के घर में घुस मारपीट की। फिर न्यायालय के स्थगन आदेश के बावजूद उसकी जमीन पर जबरन दीवार चलवा दी। डीएम को दिए शिकायती पत्र में पीड़ित का आरोप है कि मनबढ़ों ने पूरी वारदात को पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में अंजाम दिया है। डीएम ने मामले की जांच के लिए एसडीएम को निर्देशित किया है। वारदात का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
ठूठीबारी निवासी पीड़िता महिला मीना देवी ने बताया है कि आराजी नंबर 936 ग रकवा 0.020 हेक्टेयर व आराजी नंबर 939 रकवा 0.016 हेक्टेयर भूमि में न्यायालय की ओर से स्थगन आदेश जारी किया गया है। इसके बाद भी 7 नवंबर को गांव के ही कुछ लोग गोलबंद होकर पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में घर पर आ गए और परिवार के सदस्यों के लिए अपशब्दों का प्रयोग करने लगे। विरोध करने पर घर में घुसकर मारपीट करने लगे। इतना ही नहीं दुकान का शटर गिराकर बंद कर दिया। फिर जिम्मेदारों की मौजूदगी में शटर के सामने दीवार चलवा दी। मीना देवी ने बताया कि जमीन आबादी के बीच में होने की वजह से धारा 116 नहीं हो सकता है। हालांकि मजिस्ट्रेट न्यायालय में उनकी ओर से 23 फरवरी 2025 को कायमी भी डाला गया है। जिम्मेदारों से भूमि की पैमाइश के लिए कई बार गुहार लगा चुकी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने समस्या का समाधान करने की बजाय उनकी जमीन पर दीवार खड़ा कराकर कब्जा करा दिया। कोतवाली ठूठीबारी थाना प्रभारी निरीक्षक महेंद्र मिश्रा ने बताया कि मौके पर शांति व्यवस्था के लिए पुलिस टीम पहुंची थी। पीड़िता का आरोप निराधार है।
मामले की जानकारी मिली है। डीएम के निर्देश पर मामले की जांच करने के लिए बंटवारे की 145 की रिपोर्ट मंगाई गई है। रिपोर्ट और कई बिंदुओं पर जांच-पड़ताल करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-सिद्धार्थ गुप्ता, एसडीएम