गुलरिहा क्षेत्र का मामला, जाति बदलकर बैनामा टालने और रकम हड़पने का आरोप
गुलरिहा (गोरखपुर)। थाना क्षेत्र में जमीन दिलाने के नाम पर 44 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि जमीन का सौदा तय कर आरोपियों ने पहले खुद को पिछड़ी जाति का बताया और रुपये ले लिए। बैनामा करने की बारी आने पर अनुसूचित जाति का बताकर सौदा टालते हुए रकम हड़प ली। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने चार नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, एम्स थाना क्षेत्र के जगदीशपुर निवासी दिग्विजय सिंह शाहपुर क्षेत्र के असुरन स्थित राधिका कॉम्प्लेक्स में किराए के मकान में रहते हैं और धर्मक बिल्डर्स एंड कॉलोनाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के निदेशक हैं। वह व्यवसाय के लिए मेडिकल कॉलेज के आसपास जमीन की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान वर्ष 2018 में उनकी मुलाकात गुलरिहा क्षेत्र के सलेमपुर उर्फ मुगलपुर निवासी लक्ष्मी टेंट हाउस के संचालक राजेंद्र नाथ और उनके बेटों अरुण कुमार, संदीप कुमार व सुनील कुमार से हुई।
आरोप है कि हमीदपुर स्थित एक जमीन का सौदा 44 लाख रुपये में तय हुआ, जिसमें पीड़ित ने 38 लाख 80 हजार रुपये दे दिए। इसके बाद सलेमपुर उर्फ मुगलपुर स्थित दूसरी जमीन का सौदा 40 लाख रुपये में तय हुआ, जिसके एवज में पीड़ित ने 5 लाख 20 हजार रुपये एडवांस के तौर पर नगद और खाते के माध्यम से भुगतान किया।
पीड़ित का कहना है कि वर्ष 2018 में आरोपियों ने खुद को पिछड़ी जाति का बताया था, लेकिन वर्ष 2023 में जब बैनामा करने को कहा गया तो वे खुद को अनुसूचित जाति का बताने लगे। इस पर जब पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी। मामले में पीड़ित ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत की। गुलरिहा पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी देने की धारा में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।