झंगहा। फर्जी दस्तावेज तैयार कर एक ही जमीन को दो बार बेचने के मामले में झंगहा पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान राजधानी खिरिहवा टोला निवासी रामानंद के रूप में हुई है। आरोप है कि रामानंद ने अपने साथियों के साथ मिलकर पहले से बिकी जमीन को बेचने के नाम पर 20.25 लाख रुपये ले लिए और उसकी रजिस्ट्री भी करा दी। पूछताछ के बाद सोमवार को उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
विश्वनाथपुर गड़ेरिया टोला निवासी सिंधू साहनी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि वह मकान बनवाने के लिए जमीन तलाश रहे थे। इसी दौरान आरोपियों ने उन्हें झंगहा थाना क्षेत्र के राजधानी खिरिहवा टोला स्थित गाटा संख्या 3542 की 49 एयर जमीन दिलाने का भरोसा दिया। जमीन पसंद आने के बाद सिंधू साहनी ने अलग-अलग तिथियों में नकद, चेक और आरटीजीएस के माध्यम से 20.25 लाख रुपये दे दिए। इसके बाद तीन जुलाई 2025 को आरोपियों ने उनके नाम से जमीन की रजिस्ट्री करा दी। पीड़ित जब जमीन पर कब्जा लेने पहुंचा तो उसे जानकारी हुई कि जिस जमीन की रजिस्ट्री उसके नाम कराई गई है, वह पहले ही आठ दिसंबर 2004 को राजधानी गांव निवासी निर्मला देवी के नाम हो चुकी है।
आरोप है कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसी जमीन को दोबारा बेच दिया था। फर्जीवाड़े की जानकारी होने के बाद पीड़ित ने आरोपियों से रुपये वापस मांगे। इस पर उन्होंने तीन लाख रुपये तो लौटा दिए, लेकिन शेष 17.25 लाख रुपये देने के बजाय धमकी देने लगे। सीओ चौरीचौरा कुंदन सिंह ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर 16 फरवरी को राजधानी गांव निवासी रामानंद, चंद्रशेखर भारती, विजय तिवारी, सुशीला देवी, मनोज, सत्य प्रकाश, प्रमोद, रामनिवास और चौरीचौरा थाना क्षेत्र के भाऊपुर निवासी सुदर्शन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसमें रामानंद को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है।