असली डॉक्टर के नाम पर फर्जी डिग्री तैयार कर उसे बेचने, कई जिलों में अवैध रूप से क्लीनिक व डायग्नोस्टिक सेंटर चलाने के आरोपी को गुलरिहा पुलिस ने क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। सोमवार सुबह पकड़े गए आरोपी की पहचान प्रयागराज के शिवपुरी कॉलोनी निवासी श्रीराम पांडेय के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई भी हो चुकी है।
पुलिस ने उसे जेल भिजवा दिया है। मुख्य आरोपी अलाउद्दीन पिछले महीने कोर्ट में समर्पण कर चुका है। अन्य तीन आरोपी बृजेश लाल, दीपक विश्वकर्मा और ओमप्रकाश गौतम अभी भागे हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
बस्ती जिले के भेड़वा निवासी डॉ. राहुल नायक वर्तमान में गुलरिहा क्षेत्र के जेमिनी पैराडाइज में रहकर चिकित्सा कार्य कर रहे हैं। गुलरिहा थाने में बीते 17 मई 2024 को डॉ. राहुल ने थाने में तहरीर देकर बताया था कि उनके नाम से फर्जी डिग्री बनवाकर अल्ट्रासाउंड और डायग्नोस्टिक सेंटर चलाया जा रहा है।
जांच में पता चला कि गाजीपुर के जखनियां में फर्जी डिग्री के आधार पर अवैध डायग्नोस्टिक सेंटर संचालित हो रहा है। बिहार निवासी अलाउद्दीन ने प्रयागराज के श्रीराम पांडेय की मदद से डॉ. राहुल नायक के कागजात पांच लाख रुपये में बेच दिए। पुलिस ने सेंटर के संचालक बृजेश लाल को गिरफ्तार किया, जिसके बयान पर गिरोह का भंडाफोड़ हुआ।
बृजेश ने बताया कि उसे यह डिग्री वाराणसी के सारनाथ निवासी ओमप्रकाश गौतम ने बेची थी। ओमप्रकाश पटना से अवैध डिप्लोमा बनवाकर वाराणसी के जाल्हूपुर में आदर्श डेंटल एंड आई क्लीनिक चला रहा था। उसने यह डिग्री दीपक विश्वकर्मा से 35 हजार में खरीदी थी, जो चौबेपुर में सहारा अस्पताल का संचालक है।
दीपक ने बताया कि अस्पताल में काम करने वाला सुहैल फर्जी डिग्री मुहैया कराता था। पुलिस जांच में वाराणसी और प्रयागराज में भी फर्जी डिग्री के आधार पर क्लीनिक संचालित होने की पुष्टि हुई थी। एसएसपी के आदेश पर गुलरिहा पुलिस ने पहले धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। इसके बाद सभी पांचों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की गई थी।
गैंगस्टर के मामले में भागे एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है। जल्द ही सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे: अभिनव त्यागी, एसपी सिटी