संतकबीरनगर के जवान की सिक्किम में हादसे में मौत
- आज देर शाम तक शव घर पहुंचने की उम्मीद
अमर उजाला ब्यूरो
बेलहर/संतकबीरनगर। सिक्किम में आर्मी के सप्लाई कोर में हवलदार पद पर तैनात जिले के बेलहर क्षेत्र के मनैतापुर निवासी रणजीत यादव (37) की दो दिन पूर्व खाई में वाहन गिरने से मौत हो गई। हवलदार का पार्थिव शरीर शुक्रवार को देर शाम तक यहां पहुंचेगा।
रणजीत के पिता रामशब्द यादव ने बताया मंगलवार की रात दस बजे के करीब रणजीत के साथ पांच अन्य लोग माल वाहन से सामान लेकर कहीं जा रहे थे। उसी दौरान नाथला के पास माल वाहन 600 फिट गहरी खाई में गिर गया। जिसमें बेटे रणजीत समेत चार लोगों की मौत हो गई। जबकि दो लोग घायल हो गए। बुधवार को दोपहर में बेटे समेत चारों लोगों का शव ढूंढा गया। बेटे का शव वहां से सिलीगुड़ी ले जाया गया है, जहां से शुक्रवार को डेढ़ बजे दिन में फ्लाइट से लखनऊ लाया जाएगा। उम्मीद है कि देर शाम तक बेटे का शव घर पहुंचेगा। रणजीत की पत्नी एवं बच्चे अंबाला में रहते हैं, जहां से आज यहां आ गए।
गांव के बगीचे में होगा अंतिम संस्कार
- अपने पीछे पिता के अलावा पत्नी और तीन बच्चों को छोड़ गए
बेलहर/संतकबीरनगर। सिक्किम में हादसे में शहीद हुए हवलदार रणजीत यादव (37) का अंतिम संस्कार गांव के बगीचे में किया जाएगा। पिता रामशब्द यादव ने बताया कि रणजीत उनके तीन बेटों में मंझला बेटा था। शुक्रवार को देर शाम तक उसका पार्थिव शरीर गांव पहुंचने की उम्मीद है।
रणजीत यादव वर्ष 2005 में आर्मी में बाबू के पद पर भर्ती हुए थे। करीब एक महीने पूर्व अंबाला से रणजीत का तबादला सिक्किम में आर्मी के सप्लाई कोर में हवलदार के पद पर हुई थी। पिता रामशब्द बताते हैं कि रणजीत की पत्नी किरन यादव, 14 वर्षीय बेटा आर्यन, 11 वर्षीय बेटा आयुष और पांच वर्षीय बेटी आरूषि अंबाला में ही रहती हैं। उन्होंने बताया कि बुधवार को दोपहर में उन्हें फोन आया और बताया गया कि मंगलवार की रात दस बजे के करीब हवलदार बेटे रणजीत यादव के साथ पांच अन्य लोग माल वाहन से सामान लेकर कहीं जा रहे थे। उसी दौरान नाथला के पास माल वाहन 600 फिट गहरे खाई में गिर गया। जिसमें बेटे रणजीत समेत चार लोगों की मौत हो गई। जबकि दो लोग घायल हो गए। बुधवार को दोपहर में बेटे समेत चारों लोगों का शव ढूंढा गया। बेटे का शव वहां से सिलगुड़ी ले जाया गया है, जहां से शुक्रवार को डेढ़ बजे दिन में फ्लाइट से लखनऊ के लिए रवाना होगा। उम्मीद है कि देर शाम बेटे का शव घर पहुंचेगा। उन्होंने बताया छोटे बेटे पवन कुमार यादव की कुछ साल पहले ही मौत हो गई थी। बड़े बेटे बंसत यादव बीएड है और क्षेत्र के एक प्राइवेट विद्यालय में शिक्षक है। उनकी पत्नी राजमती यादव की मौत तीन साल पहले ही दुर्घटना में मौत हो गई थी। उन्होंने सेवानिवृत्त होने के बाद अंबेडकरनगर में करीब एक साल पहले ढाबा खोला है। बृहस्पतिवार को अंबाला से बहू,पोते और पोती घर पहुंच गए है। बेटा रणजीत की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। देर रात तक उनके घर पर लोगों का आना -जाना लगा रहा।