गोरखपुर में गोल्डन कार्ड निरस्त होने का मोबाइल पर आया मैसेज।
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत चयनित हुए परिवारों की पात्रता अब सत्यापन के बाद रद की जा रही है। इसके तहत पांच लाख रुपये प्रति वर्ष की मुफ्त इलाज पाने को चुने गए कई लाभार्थियों को उनकी पात्रता रद्द किए जाने का मैसेज स्वाथ्य विभाग की ओर से भेजा जा रहा है।
आयुष्मान योजना के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. नीरज कुमार पांडेय के अनुसार सत्यापन की रुटीन प्रक्रिया चल रही है, जिन लोगों को उनके गोल्डन कार्ड रद होने का मैसेज आया है वह अपने दस्तावेज लाकर दोबारा सत्यापन करा सकते हैं।
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लाभार्थियों का चयन वर्ष 2011 में हुई सामाजिक आर्थिक जनगणना के कुछ बिंदुओं के आधार पर किया गया था। जिले में 2.88 लाख परिवार इस योजना के तहत पात्र चुने गए थे। इनमें से 1.88 लाख परिवारों के 2.37 लाख से अधिक गोल्डन कार्ड भी बना दिए गए हैं। अब प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना मुख्यालय की ओर से इन पात्रों का सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन में यदि नाम, पिता का नाम या पते में कोई भी नहीं मिलता तो उस व्यक्ति की पात्रता रद की जा रही है।
नोडल अधिकारी एसीएमओ कहते हैं कि गोल्डन कार्ड तकनीकी कमी होने के कारण अस्वीकार हो रहे हैं, लेकिन यह रुटीन कार्य है। चयनित लोगों को परेशान नहीं होना चाहिए। जिन लोगों को यह मैसेज आया है वह अपना सत्यापन जिला अस्पताल के कमरा नंबर 36 में या किसी भी जन सुविधा केंद्र पर करा सकते हैं।