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आतंकी कनेक्शन---संशोधित

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गांव का आतंकी कनेक्शन बताने पर गांववाले नाराज
बोले, परिवार के लोग वैध एजेंट के जरिए गए हैं विदेश
अमर उजाला ब्यूरो
मन्नीजोत (सिद्धार्थनगर)। गांव को आतंकी कनेक्शन से जोड़ा जाना बहुत ही गलत है। आतंकी बलरामपुर का है और वह दिल्ली से पकड़ा गया है। अगर वह विदेश भी गया है तो इसका मतलब यह नहीं कि गांव के जिन परिवार के लोग विदेश गए हैं, उनके उससे संबंध हैं। जिस व्यक्ति का नाम तक नहीं जानते, उसे परिवार और गांव के लोगों के संपर्क बताया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। यह दर्द उन परिवारों का है जिनके पारिवारिक सदस्य को आतंकी यूसुफ उर्फ मुस्तकीम के जरिए विदेश भेजे जाने की बात बताई जा रही है। शनिवार को ‘अमर उजाला’ ने खंता, बेतनार गांवों में परिवारों से बातचीत कर हकीकत जानी।
त्रिलोकपुर थानाक्षेत्र के खंता गांव निवासी इमरान और शहबाज दो वर्ष से कुवैत में हैं। रिजवान अहमद सऊदी में एक साल से रहते हैं। वह अपने दोस्त रिजवान निवासी पेहर रेहरा जिला बलरामपुर के माध्यम से विदेश गए थे। अब्दुल वहीद दो वर्ष से कुवैत में हैं। रमजान कुवैत में रहते हैं, जो फरवरी 2020 को लौटे थे और तब से गांव में ही है। रमजान ने बताया कि गांव के अधिकांश लोग लखनऊ के एक दोस्त के माध्यम से कुवैत गए हैं। गांव के मीजान कुवैत में दो साल से हैं। वह गांव के ही एक व्यक्ति के साथ गए थे। फरहान चार वर्ष से दुबई में रहते हैं। गांव के करीब 25 लोग खाड़ी देशों में हैं। इनमें से अधिकतर लोग गांव के ही लोगों के द्वारा भेजे गए वीजा के जरिए विदेश पहुंचे हैं। बेतनार गांव के इस्लामुद्दीन कुवैत में हैं, जर्रार अहमद दुबई में रहते हैं, जाकिर हुसैन कुवैत, जाहिद दुबई, आरिफ कुवैत, रियाजुद्दीन सऊदी सहित तकरीबन बेतनार गांव के 100 लोग खाड़ी देशों में रहते हैं। इनमें कोई ड्राइवर, तो कोई राजगीर और कोई सिलाई सहित अन्य सेक्टर में नौकरी करता हैं।
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आतंकी कनेक्शन जोड़ना गलत
बेतनार गांव निवासी क्षेत्र पंचायत सदस्य जमील अहमद, ग्राम प्रधान शरफुद्दीन, मो. मोबीन, बांके ने बताया कि उनके गांव के अधिकांश लोग बहुत पहले से दुबई, कुवैत, सऊदी अरब सहित अन्य देशों में रहते हैं। लोगों का यही प्रयास रहता है कि गांव के हर व्यक्ति को खाड़ी देशों में ले जाकर रोजगार दिलाएं। गांव के अधिकांश लोग एक-दूसरे के जरिए लाए या भेजे गए वीजा से विदेश गए हैं। अब बलरामपुर जिले में एक आतंकी पकड़ा गया। वह भी खाड़ी देश से लौटा है। उसके किससे संपर्क हैं यह किसे पता। मगर गांव के लोगों को उसके जरिए खाड़ी देशों में भेजे जाने के संबंध बताए जा रहे हैं जो गलत है। गांव के लोग देश की तरक्की और खुशहाली के लिए विदेशों में जाकर पसीना बहाते हैं, गांव पर जो आरोप लगाए वह दुर्भाग्यपूर्ण है।
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