मुख्यमंत्री के संज्ञान में जब यह प्रकरण आया और सीएम ने जब एडीजी गोरखपुर से रिपोर्ट तलब की तो यह प्रकरण एकाएक सुर्खियों में आ गया। उसके बाद पुलिस महकमे में खलबली मच गई। एडीजी अखिल कुमार यहां जांच करने पहुंचे और शाम तक प्रथम दृष्ट्या प्रकरण को दबाने में संलिप्त पाए गए कोतवाल से लेकर बीट सिपाही तक 12 पुलिसकर्मी निलंबित कर दिए गए।
इसके बाद सभी पर मुकदमे दर्ज हुए और 21 मार्च को मुख्य आरोपी दरोगा दीपक सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में शासन स्तर से तत्कालीन सीओ सिटी रहे गिरीश सिंह को शासन स्तर से निलंबित कर दिया गया था। कुछ दिन बाद तत्कालीन एसपी हेमराज मीणा का भी तबादला कर दिया गया था।