संजय सिंह ने बरेली की घटना को सरकार की साजिश बताया। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि बरेली की घटना, बेरोजगारी, लद्दाख, उत्तराखंड और एसएससी आंदोलनों जैसे असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए की गई। आप सांसद ने घटना की जांच के लिए पूर्व विधायक और यूपी के सह प्रभारी दिलीप पांडे की अगुवाई में एक 16 सदस्य टीम को आगामी 7 अक्टूबर को बरेली भेजने की बात कही।
आम आदमी पार्टी 31 अक्तूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती के अवसर पर प्रयागराज से अयोध्या तक 'रोजगार दो, सामाजिक न्याय दो' पदयात्रा शुरू करने जा रही है। यह पद 200 किलोमीटर की होगी और 15 नवंबर को अयोध्या में समाप्त होगी।
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पार्टी ने बेरोजगारी, पेपर लीक, आरक्षण के हनन, महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मुद्दों को इस यात्रा का मुख्य आधार बनाया है। आप नेता व राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने रविवार को गोरखपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में जनता से अपील की कि वे इस जनआंदोलन से जुड़ें और अपनी आवाज बुलंद करें।
यात्रा का नेतृत्व और अपील
यह यात्रा प्रदेश प्रभारी संजय सिंह के नेतृत्व में होगी। आयोजन समिति की अध्यक्षता सभाजीत सिंह करेंगे, जबकि समिति में जनक प्रसाद, दिनेश पटेल, इमरान लतीफ, विनय पटेल, पवन तिवारी और श्रद्धा चौरसिया शामिल हैं।
संजय सिंह ने अपील करते हुए कहा की छात्र-युवा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, मनरेगा मजदूर, ओल्ड पेंशन की मांग करने वाले लोग और समाज का हर वर्ग इस यात्रा का हिस्सा बने। जुड़ने के लिए मिस्ड कॉल नंबर 75000 40004 जारी किया गया है।
बेरोजगारी और पेपर लीक पर प्रहार
संजय सिंह ने कहा कि प्रयागराज, जिसे आज “बेरोजगारों की मंडी” कहा जाता है, से यात्रा की शुरुआत इसीलिए की जा रही है क्योंकि यहाँ लाखों युवा पेपर लीक की घटनाओं से त्रस्त हैं। उन्होंने कहा कि सिपाही, दरोगा, लेखपाल, एसएससी और पीसीएस-जे जैसी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र बार-बार लीक होने से युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है।
उन्होंने कहा कि माता-पिता पेट काटकर बच्चों को पढ़ाते हैं, लेकिन जब परीक्षा रद्द होती है, तो उनके सपने चकनाचूर हो जाते हैं। उन्होंने प्रयागराज में बेरोजगारी से तंग आकर एक युवक द्वारा आत्महत्या करने की घटना का भी ज़िक्र किया।
संजय सिंह ने कहा कि जो शिक्षक नौकरियां कर रहे हैं उन पर भी संकट है, नियमित शिक्षकों से 52 53 साल की अवस्था में टीईटी पास करने को कहा जा रहा है, नहीं तो उनकी मान्यता समाप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार युवाओं को नौकरी नहीं दे पा रही, इसलिए उन्हें “नफरत की राजनीति” में उलझाकर असली मुद्दों से भटका रही है।
सामाजिक न्याय और आरक्षण पर हमला
संजय सिंह ने बांदा विश्वविद्यालय और लखीमपुर खीरी के सहकारी बैंक की भर्ती और मुसलमानों को टारगेट करके कार्रवाई का उदाहरण देते हुए कहा कि नफ़रत की राजनीति और आरक्षण की व्यवस्था की खुली अनदेखी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि यह संविधान और सामाजिक न्याय के मूल सिद्धांतों का अपमान है। उन्होंने मांग की कि आरक्षण आबादी के अनुपात में बढ़ाया जाए और जाति आधारित जनगणना कराई जाए ताकि हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि आज आरक्षण पर हमला सिर्फ दलित-पिछड़ों का नहीं बल्कि पूरे संविधान पर हमला है।
बरेली की घटना पर
संजय सिंह ने बरेली की घटना को सरकार की साजिश बताया। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि बरेली की घटना, बेरोजगारी, लद्दाख, उत्तराखंड और एसएससी आंदोलनों जैसे असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए की गई।
आप सांसद ने घटना की जांच के लिए पूर्व विधायक और यूपी के सह प्रभारी दिलीप पांडे की अगुवाई में एक 16 सदस्य टीम को आगामी 7 अक्टूबर को बरेली भेजने की बात कही।
इस टीम में पश्चिमी प्रांत के अध्यक्ष सोमेंद्र ढाका, रुहेलखंड प्रांत के अध्यक्ष हैदर भाई, बौद्ध प्रांत के अध्यक्ष इमरान लतीफ, ओबीसी प्रकोष्ठ की अध्यक्ष छवि यादव, महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष नीलम यादव, यूथ विंग के अध्यक्ष पंकज अवाना, किसान प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अशोक कमांडो, तिरंगा शाखा प्रमुख जनक प्रसाद, सुनीता गंगवार, राम सिंह मौर्य, फैसल खान लाला, अंसार भाई, नदीम अशरफ जायसी, सरबजीत सिंह मक्कड़ आदि शामिल है।