गोरखपुर चिड़ियाघर में इटावा लायन सफारी से लाए गए बब्बर शेर भरत की मौत हो गई। वो लंबे समय से बीमार चल रहा था। पिछले दिनों बब्बर सेर मरियन की मौत के बाद बाड़ा खाली होने पर भरत को एक साल पहले गोरखपुर चिडि़याघर लाया गया था।
रविवार दोपहर में अचानक से तबीयत बिगड़ गई और शाम होते-होते उसकी मौत हो गई। चिडि़याघर के पोस्टमार्टम हाउस में ही उसकी पीएम किया जाएगा। गोरखपुर में शेर भरत को इटावा लॉयन सफारी से लाया गया था और यह गोरखपुर के शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान में रहता था, जहां जून 2024 में उसका जन्मदिन भी मनाया गया था।
भरत के साथ एक शेरनी गौरी को भी इटावा लॉयन सफारी से गोरखपुर के प्राणी उद्यान में लाया गया था। 26 जून 2024 को शेर भरत का 5वां जन्मदिन मनाया गया, जिसके लिए मीट का केक भी काटा गया था। दरअसल, मरियम की मौत के बाद गोरखपुर चिड़ियाघर के बाड़े में सिर्फ एक बब्बर शेर पटौदी ही दर्शकों के लिए बाड़े में बचा था।
इनकी संख्या बढ़ाने के लिए चिड़ियाघर की टीम कई बार प्रयास की लेकिन सफलता नहीं मिल रही थी। लेकिन प्रदेश सरकार की पहल पर दो बब्बर शेराें को लाने में सफलता मिली थी। इसी के बाद चिड़ियाघर की टीम इटावा लायन सफारी से बब्बर शेर भरत और गौरी को लेकर आई थी।