उलेमा भी देश के आधुनिक नियम और डिजिटल युग से तालमेल बैठा रहे हैं। शहर के उलेमाओं ने नया निकाहनामा बनाया है। निकाहनामा पर दूल्हा-दुल्हन, वकील, गवाह का आधार नंबर भी दर्ज किया जाएगा। दूल्हा-दुल्हन की फोटो भी अनिवार्य रूप से लगाई जाएगी। इसके साथ ही निकाह, महर और तलाक के शरई (इस्लामी कानून) नियमों की भी जानकारी दी जाएगी।
तंजीम दावतुस्सुन्नह से जुड़े कारी मो. अनस रजवी, कारी ओबैदुल्लाह व कारी अनीस ने इस आधुनिक निकाहनामे को तैयार किया है। यह निकाहनामा केवल वैध दस्तावेज ही नहीं होगा बल्कि निकाह, महर, तलाक के नियमों के प्रति लोगों को जागरूक भी करेगा। निकाहनामा में सभी विवरण के लिए अलग-अलग कॉलम दिए गए हैं। निकाह का समय, जगह, तारीख का कॉलम दिया गया है। निकाह पढ़ाने वाले काजी का विवरण हस्ताक्षर व मुहर के साथ दर्ज होगा।
कारी मो. अनस रजवी ने बताया कि मॉडल निकाहनामा समय की अनिवार्य जरूरत है। शरीअत की नजर में निकाह बहुत आसान है मगर हमारी गलत रस्मों व दहेज मांगने की परंपरा ने निकाह को मुश्किल कर दिया है। दीन-ए-इस्लाम में बरात व बरात की दावत का कोई सिस्टम नहीं है। इसके बावजूद बरात व बरात की दावत को निकाह का आवश्यक हिस्सा बना दिया गया। अब समय आ चुका है कि गलत रस्मो-रिवाज को खत्म किया जाए।
शरीअत के मुताबिक अदा करें निकाह
कारी मो. अनस रजवी ने कहा कि सभी निकाह मस्जिद में शरीअत के मुताबिक हों। महर की रकम दुल्हन तय करे। निकाह व तलाक के सही नियमों के प्रति लोगों को जागरूक किया जाए। इन्हीं सब मकसदों के तहत मॉडल निकाहनामा तैयार किया गया है। निकाहनामा के पीछे इसके ताल्लुक से विवरण मौजूद रहेगा।
निकाह के वक्त दूल्हा व दुल्हन पक्ष को निकाहनामा की कॉपी दी जाएगी। निकाहनामा ऑनलाइन भी मिल सके इसके लिए वेबसाइट भी बनाई जाएगी ताकि रजिस्टर्ड नंबर के जरिये निकाहनामा ऑनलाइन हासिल किया जा सके। इस निकाहनामा से धोखाधड़ी के मामलों पर लगाम लगेगी।