आदर्श आचार संहिता लागू हो जाने से गोरखपुर जिले में प्रस्तावित कई कामों पर ब्रेक लग गया है। रामगढ़ताल के सुंदरीकरण कार्य के क्रम में ताल के किनारे आकर्षक रेलिंग लगाने की योजना भी लटक गई है।
करीब साढ़े चार करोड़ रुपये की इस परियोजना के लिए गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की ओर से टेंडर निकाला जा चुका था। 24 को टेंडर खुलना भी था, मगर जीडीए ने अब टेंडर नहीं खोलने का निर्णय किया है। अब यह काम विधानसभा चुनाव बाद ही कराया जाएगा।
नगर निगम में शामिल हुए 32 गांवों में त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत जीडीए को जो काम कराने थे, उसके लिए अनुमति ली जाएगी। 250 में से 224 कार्यों का टेंडर फाइनल हो चुका है। 26 कार्यों के लिए दोबारा टेंडर करना पड़ा। इसे 10 जनवरी को खोला जाना था। जीडीए के उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह का कहना है कि निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर टेंडर खोलने की अनुमति मांगी जाएगी। त्वरित आर्थिक विकास से जुड़ी योजना होने एवं पुन: टेंडर निकाले जाने की वजह से इसे अनुमति मिल जाने की उम्मीद है। इसी तरह जीडीए की आवासीय योजना गोरक्ष एन्क्लेव के लिए भी दोबारा टेंडर किया गया है। इसके लिए भी अनुमति मांगी जाएगी।
जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने बताया कि आदर्श आचार संहिता का पूरी तरह पालन हो यह सुनिश्चित किया जाएगा। त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत होने वाले कार्यों को अनुमति मिल सकती है। इसके लिए प्रयास किया जाएगा। इसी तरह गोरक्ष एन्क्लेव का भी दोबारा टेंडर किया गया है, उसके लिए भी अनुमति मांगी जाएगी। तभी टेंडर खोला जाएगा। हालांकि, रामगढ़ ताल के किनारे रेलिंग लगाने की योजना चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आगे बढ़ सकेगी।