गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन ने शोधार्थियों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके तहत पीएचडी कोर्स वर्क के प्रथम प्रश्न पत्र रिसर्च पब्लिकेशन एंड एथिक्स की 70 अंकों की लिखित परीक्षा आयोजित होगी। इसका लाभ उन शोधार्थियों को मिलेगा, जो किसी कारणवश स्वयं पोर्टल परीक्षा में शामिल नहीं हो सके थे।
इस परीक्षा में वही शोधार्थी शामिल हो सकेंगे, जिन्होंने सत्र 2024-25 में स्वयं पोर्टल पर 30 अंकों का असाइनमेंट जमा कर उसे उत्तीर्ण किया है। हालांकि, जो विद्यार्थी पहले ही 70 अंकों की लिखित परीक्षा पास कर चुके हैं, उन्हें दोबारा परीक्षा देने की जरूरत नहीं है।
इसके अलावा सत्र 2023-24 के वह सभी शोधार्थी, जो स्वयं पोर्टल या डीडीयू की ओर से आयोजित लिखित परीक्षा में शामिल नहीं हो सके थे, वे भी इसका लाभ उठा सकेंगे।
बड़ी संख्या में शोधार्थी तकनीकी या अन्य कारणों से स्वयं पोर्टल या डीडीयू की ओर से आयोजित लिखित परीक्षा में शामिल नहीं हो सके थे। वे इसकी मांग कर रहे थे। छात्रहित में डीडीयू प्रशासन ने यह निर्णय लिया है।
इस संबंध में कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि छात्रहित हमारे लिए सर्वोपरि है। कई शोधार्थी तकनीकी या अन्य कारणों से परीक्षा में शामिल नहीं हो सके थे। सभी पात्र शोधार्थियों को इसका लाभ मिलेगा।