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ग्रीनलैंड हॉस्पिटल में बच्चों की मौत मामला: टीका लगने के एक सप्ताह बाद दूसरे मासूम की भी मौत, अस्पताल सील

Mon, 13 Mar 2023 12:06 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।

सार

सीएमओ डॉ. आशुतोष दुबे ने कहा कि मामला बेहद गंभीर है। इसकी गहनता से जांच की जा रही है। जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम बनाई गई है। टीम ने शुक्रवार को सभी पक्षों से बयान लिया। साथ ही तीनों वैक्सीन के वायल को कब्जे में लेकर जांच के लिए लखनऊ स्थित फॉरेंसिक लैब को भेज दिया है।
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ग्रीनलैंड हॉस्पिटल - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गोरखपुर जिले के करीमनगर चरगांवा स्थित ग्रीनलैंड हॉस्पिटल में पांच मार्च को जिन तीन बच्चों को वैक्सीन लगाई गई थी, उसमें से दूसरे नवजात की भी रविवार को मौत हो गई। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में नवजात का इलाज चल रहा था। वहीं, तीसरे नवजात की हालत भी गंभीर बताई जा रही है।

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इस मामले में स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के आरोप में रविवार देर शाम अस्पताल को एसीएमओ और अपर सिटी मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में सील कर दिया है।

बता दें कि मासूम का इलाज छह मार्च से मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग के आईसीयू में चल रहा था। मामले में नवजात के परिजनों ने चिलुआताल थाने में ग्रीनलैंड हॉस्पिटल और बीआरडी मेडिकल कालेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. सुधीर गुप्ता के खिलाफ तहरीर दी है।
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शाहपुर के रहने वाले शिशांत चार्ल्स ने चिलुआताल पुलिस को दी गई तहरीर में बताया है कि पांच मार्च को उनकी पत्नी की डिलीवरी ग्रीनलैंड हॉस्पिटल में हुई। बच्चा स्वस्थ था। नवजात को दो अन्य बच्चों के साथ टीका लगाया गया। इसके बाद बच्चे की हालत बिगड़ गई। नवजात को इलाज के लिए उसी समय मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग के आईसीयू में भर्ती किया गया, जहां रविवार को उसकी मौत हो गई। शिशांत की भाभी बीआरडी मेडिकल कॉलेज में स्टाफ नर्स हैं।

 

तीन टीके लगाए गए थे

शिशांत चार्ल्स ने बताया कि अस्पताल में नवजात को तीन टीके लगाए गए थे। इसमें ओरल पोलियो वैक्सीन, हेपिटाइटिस-बी और बीसीजी का टीका शामिल है। इन्हीं तीनों में से किसी एक टीके का रिएक्शन हुआ है। इसी वजह से नवजात की मौत हुई है।

यह है मामला
चरगांवा के ग्रीनलैंड हॉस्पिटल में पांच मार्च को तीन मासूमों को नियमित टीका लगाया गया। अगले दिन यानी छह मार्च को गगहा के अतायर निवासी सौरभ कुमार राय के सात दिन के नवजात की मौत मेडिकल कॉलेज के बालरोग विभाग में हो गई। सौरभ की तहरीर पर ग्रीनलैंड अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के डॉ सुधीर गुप्ता के खिलाफ लापरवाही से इलाज के दौरान मासूम की मौत मामले में केस दर्ज किया जा चुका है। अभी एक मासूम जिंदगी से जंग लड़ रहा है। उसका इलाज मेडिकल कॉलेज के बालरोग विभाग में चल रहा है। उसकी भी हालात गंभीर बताई जा रही है।

हॉस्पिटल सील, चार बीआरडी और चार निजी अस्पताल गए इलाज के लिए
स्वास्थ्य विभाग ने दूसरे नवजात की मौत के बाद रविवार देर शाम एसीएमओ डॉ. एके चौधरी, अपर सिटी मजिस्ट्रेट की देखरेख में ग्रीन लैंड हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर प्राइवेट लिमिटेड को सील कर दिया है। सील करते वक्त हॉस्पिटल में आठ मरीज भर्ती थे। चार मरीज अपनी इच्छा से निजी अस्पताल चले गए। जबकि चार मरीजों को स्वास्थ्य विभाग ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज भिजवाया है।

 
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तीनों टीके फॉरेंसिक जांच के लिए लखनऊ भेजे गए

जांच के लिए पहुंची कमेटी ने बच्चे को लगे तीनों टीके को कब्जे में ले लिया है। यह टीका फाॅरेंसिक जांच के लिए ड्रग विभाग के सहयोग से लखनऊ भेज दिया गया है। सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने बताया कि टीका कहां से आया, किस कंपनी का है, कोल्ड चेन मेंटन किया गया है या नहीं? इसकी जानकारी टीम ने की है। फॉरेंसिक जांच के बाद टीके के बारे में सही जानकारी मिलेगी।

नवजात का हुआ पोस्टमार्टम, विसरा सुरक्षित
नवजात की मौत के बाद परिजनों ने कॉलेज प्रशासन से पोस्टमार्टम कराने के लिए निवेदन किया था। इस पर कॉलेज प्रशासन ने नवजात का पोस्टमार्टम करा दिया। मौत का कारण पता नहीं चल सका है। इस कारण डॉक्टरों ने विसरा सुरक्षित रख लिया है। इससे पहले नवजात की मौत मामले में भी विसरा सुरक्षित किया गया है।

चिलुआताल थाना के प्रभारी निरीक्षक जयंत कुमार सिंह ने कहा कि टीका लगाने के मामले में एक नवजात की मौत पहले हो चुकी है। नवजात के पिता की तहरीर पर निजी अस्पताल और डॉक्टर के खिलाफ शनिवार को मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। दूसरे नवजात के पिता की तहरीर को भी उसी केस में शामिल किया जाएगा। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

सीएमओ डॉ. आशुतोष दुबे ने कहा कि मामला बेहद गंभीर है। इसकी गहनता से जांच की जा रही है। जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम बनाई गई है। टीम ने शुक्रवार को सभी पक्षों से बयान लिया। साथ ही तीनों वैक्सीन के वायल को कब्जे में लेकर जांच के लिए लखनऊ स्थित फॉरेंसिक लैब को भेज दिया है। अस्पताल को भी सील कर दिया गया है।

 
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