शिशांत चार्ल्स ने बताया कि अस्पताल में नवजात को तीन टीके लगाए गए थे। इसमें ओरल पोलियो वैक्सीन, हेपिटाइटिस-बी और बीसीजी का टीका शामिल है। इन्हीं तीनों में से किसी एक टीके का रिएक्शन हुआ है। इसी वजह से नवजात की मौत हुई है।
यह है मामला
चरगांवा के ग्रीनलैंड हॉस्पिटल में पांच मार्च को तीन मासूमों को नियमित टीका लगाया गया। अगले दिन यानी छह मार्च को गगहा के अतायर निवासी सौरभ कुमार राय के सात दिन के नवजात की मौत मेडिकल कॉलेज के बालरोग विभाग में हो गई। सौरभ की तहरीर पर ग्रीनलैंड अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के डॉ सुधीर गुप्ता के खिलाफ लापरवाही से इलाज के दौरान मासूम की मौत मामले में केस दर्ज किया जा चुका है। अभी एक मासूम जिंदगी से जंग लड़ रहा है। उसका इलाज मेडिकल कॉलेज के बालरोग विभाग में चल रहा है। उसकी भी हालात गंभीर बताई जा रही है।
हॉस्पिटल सील, चार बीआरडी और चार निजी अस्पताल गए इलाज के लिए
स्वास्थ्य विभाग ने दूसरे नवजात की मौत के बाद रविवार देर शाम एसीएमओ डॉ. एके चौधरी, अपर सिटी मजिस्ट्रेट की देखरेख में ग्रीन लैंड हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर प्राइवेट लिमिटेड को सील कर दिया है। सील करते वक्त हॉस्पिटल में आठ मरीज भर्ती थे। चार मरीज अपनी इच्छा से निजी अस्पताल चले गए। जबकि चार मरीजों को स्वास्थ्य विभाग ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज भिजवाया है।
जांच के लिए पहुंची कमेटी ने बच्चे को लगे तीनों टीके को कब्जे में ले लिया है। यह टीका फाॅरेंसिक जांच के लिए ड्रग विभाग के सहयोग से लखनऊ भेज दिया गया है। सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने बताया कि टीका कहां से आया, किस कंपनी का है, कोल्ड चेन मेंटन किया गया है या नहीं? इसकी जानकारी टीम ने की है। फॉरेंसिक जांच के बाद टीके के बारे में सही जानकारी मिलेगी।
नवजात का हुआ पोस्टमार्टम, विसरा सुरक्षित
नवजात की मौत के बाद परिजनों ने कॉलेज प्रशासन से पोस्टमार्टम कराने के लिए निवेदन किया था। इस पर कॉलेज प्रशासन ने नवजात का पोस्टमार्टम करा दिया। मौत का कारण पता नहीं चल सका है। इस कारण डॉक्टरों ने विसरा सुरक्षित रख लिया है। इससे पहले नवजात की मौत मामले में भी विसरा सुरक्षित किया गया है।
चिलुआताल थाना के प्रभारी निरीक्षक जयंत कुमार सिंह ने कहा कि टीका लगाने के मामले में एक नवजात की मौत पहले हो चुकी है। नवजात के पिता की तहरीर पर निजी अस्पताल और डॉक्टर के खिलाफ शनिवार को मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। दूसरे नवजात के पिता की तहरीर को भी उसी केस में शामिल किया जाएगा। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
सीएमओ डॉ. आशुतोष दुबे ने कहा कि मामला बेहद गंभीर है। इसकी गहनता से जांच की जा रही है। जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम बनाई गई है। टीम ने शुक्रवार को सभी पक्षों से बयान लिया। साथ ही तीनों वैक्सीन के वायल को कब्जे में लेकर जांच के लिए लखनऊ स्थित फॉरेंसिक लैब को भेज दिया है। अस्पताल को भी सील कर दिया गया है।