गोरखपुर। मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना के तहत प्रदेश का पहला साहित्य पार्क शहर के हरसेवकपुर में बनाया जाएगा। करीब 35 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए जल निगम की संस्था कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएंडडीएस) यूनिट-42 की ओर से प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही फर्मों को जिम्मेदारी मिलेगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों शिलान्यास कराने की तैयारियां भी तेज हो गई हैं।
योजना के तहत स्वीकृत धनराशि में से पहली किस्त के रूप में 12 करोड़ 17 लाख रुपये पहले ही जारी किए जा चुके हैं। साहित्य पार्क का निर्माण राजस्व ग्राम हरसेवकपुर नंबर-दो में स्थित 8.50 एकड़ सीलिंग भूमि पर किया जाएगा। मुख्य अभियंता अमित शर्मा के अनुसार, 4.50 एकड़ भूमि की पैमाइश कर उपलब्ध करा दी गई है। पार्क में प्रवेश प्लाजा, फूड कोर्ट, सेवा प्रवेश द्वार, टिकट काउंटर, 270 डिग्री प्रोजेक्शन थिएटर, बुक कैफे, एम्फीथिएटर, कार्यक्रम स्थल, स्तूप टीला, लॉन, तालाब और म्यूजिकल फाउंटेन जैसीं आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
अध्यात्म का संगम बनेगा पार्क
यह साहित्य पार्क जिले और आसपास के क्षेत्रों से जुड़ीं महान विभूतियों गुरु गोरक्षनाथ, महात्मा बुद्ध, संत कबीर और परमहंस योगानंद के विचारों को समर्पित होगा। वहीं सम्राट मुंशी प्रेमचंद, रामप्रसाद बिस्मिल, फिराक गोरखपुरी और गीताप्रेस जैसी साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासतों को भी विशेष स्थान दिया जाएगा। पूरे पार्क को साहित्यिक और दार्शनिक स्वरूप में विकसित किया जाएगा। पार्क में साहित्य, अध्यात्म और योग से जुड़े महापुरुषों की मूर्तियां एवं स्कल्पचर वॉल बनाई जाएंगी। ओपन लाइब्रेरी की सुविधा होगी। क्यूआर कोड के माध्यम से ई-बुक और ऑडियो बुक तक पहुंचाने की सुविधा भी दी जाएगी।
बोले नगर आयुक्त
इस संबंध में नगर आयुक्त अजय जैन ने बताया कि साहित्य पार्क में लोग अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ते हुए साहित्य और अध्यात्म के संगम का अनुभव कर सकेंगे। जल्द ही फर्म का चयन कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों शिलान्यास कराया जाएगा।