गोरखपुर। फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा, मंगलवार तीन मार्च को खग्रास चंद्रग्रहण लगेगा। यह ग्रहण खंडग्रास चंद्रग्रहण के रूप में दिखाई देगा। विभिन्न स्थानों पर चंद्रोदय के समय चंद्रमा ग्रहण से ग्रस्त रहेगा और मोक्ष के समय तक ही ग्रहण दृश्य होगा। ग्रहण का स्पर्श और प्रारंभ भारत में कहीं भी दिखाई नहीं देगा, लेकिन खंड चंद्रग्रहण का मोक्ष 50 मिनट तक देखा जा सकेगा।
पंडित शरद चंद्र मिश्र के अनुसार, जिले में चंद्रोदय मंगलवार को शाम पांच बजकर 57 मिनट पर होगा, उसी समय चंद्रमा ग्रस्त अवस्था में रहेगा। ग्रहण का मोक्ष शाम छह बजकर 47 मिनट पर होगा। इस प्रकार यहां ग्रहण लगभग 50 मिनट तक ही दृश्य रहेगा। यह ग्रहण पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र और सिंह राशि में घटित होगा। फाल्गुन मास में पड़ने वाला यह चंद्रग्रहण नृत्य, संगीत और कला से जुड़े लोगों, श्रेष्ठ स्त्रियों, सैनिकों तथा तपस्वियों के लिए कष्टकारक प्रभाव दे सकता है। मंगलवार को घटित होने के कारण सामाजिक अशांति की आशंका भी व्यक्त की गई है। वहीं गोरखनाथ मंदिर संस्कृत विद्यापीठ के सहायक आचार्य डॉ. प्रांगेश कुमार मिश्र के अनुसार, ग्रहण का सूतक काल सुबह 06:20 पर लगेगा, इसके बाद मंदिरों के कपाट बंद हो सकते हैं। उनका कहना था कि ग्रहण के दौरान भगवान की पूजा-अर्चना करना चाहिए। मंत्र जाप भी काफी लाभदायक होता है।