- कमेटी में तहसील, सर्वे और चकबंदी के राजस्वकर्मी रहेंगे शामिल
- जमीनों का रिकॉर्ड तहसील में मौजूद, अब होगा सीमांकन
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। राप्ती नदी के किनारे गांवों की करीब 700 एकड़ जमीन की जांच त्रिस्तरीय कमेटी करेगी। कमेटी में तहसील, सर्वे और चकबंदी विभाग के राजस्वकर्मी शामिल रहेंगे। तहसील से पुराने रिकॉर्ड और नक्शे के आधार पर जमीनों की पैमाइश कराकर प्रशासन सीमांकन कराएगा।
सहजनवां के पाली और जंगल कौड़िया ब्लॉक के बीच राप्ती नदी के रास्ता बदलने के चलते लंबे समय से जमीनों को लेकर विवाद चला आ रहा है। एकमा, तुर्कवलिया, बेलघाट खुर्द, फुलवरिया, मटियारी, अमसार, ताल लिखिया सहित 22 गांवों के किसानों के बीच सीमा विवाद है। शुक्रवार को प्रभावित गांवों के लोगों के एक प्रनिधिमंडल ने डीएम दीपक मीणा से मुलाकात समस्या को सुलझाने के लिए सीमांकन कराने की मांग की थी।
इसके बाद डीएम ने एसडीएम प्रशासन को जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। एसडीएम प्रशासन सहदेव मिश्रा ने बताया कि राप्ती नदी के किनारे वाले गांवों का विवाद है। नदी ने रास्ता बदला है तो जमीन विवाद हो गया। यहां जांच के लिए कमेटी गठित की जा रही है। जांच के बाद सीमांकन भी करा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जमीनों के सारे रिकॉर्ड मौजूद हैं। जिसके आधार पर जांच कराई जाएगी।