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Gorakhpur News: एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ गोरखपुर विश्वविद्यालय की छात्रा का नाम

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एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के प्रमाणपत्र के साथ कुलपति प्रो. पूनम टंडन से मिली डीडीयू की छात्रा व म
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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के एमए (एप्लाइड आर्ट्स) अंतिम वर्ष की छात्रा अंजलि मिश्रा ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। गुड़हल की सूखी पत्ती पर टूथपिक की सहायता से 4:43 मिनट में उन्होंने तीन सेंटीमीटर का ‘मंडला आर्ट’ उकेरा था। इसके लिए उनका नाम एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ है। इस कृति पर उन्होंने दो और उपलब्धि भी हासिल की है।
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कुशीनगर जिले के तमकुहीराज क्षेत्र के हाता गांव निवासी व डीडीयू की छात्रा अंजलि मिश्रा ने इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के लिए फरवरी में ऑनलाइन आवेदन किया था। इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की निगरानी में ऑनलाइन ही फरवरी में उन्होंने यह कलाकृति तैयार की थी। इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में इसे चयनित कर लिया गया था। इसके बाद एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के लिए भेजा गया था। इस उपलब्धि को अब एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने भी मान्यता दे दी है।
यह उपलब्धि हासिल करने के बाद अंजलि ललित कला एवं संगीत विभाग की अध्यक्ष प्रो. उषा सिंह और असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. गुरु शंकर चौहान के साथ कुलपति प्रो. पूनम टंडन से मिलीं। कुलपति ने बधाई व शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सफलता न केवल एक छात्रा की उपलब्धि है बल्कि पूरे विश्वविद्यालय और समाज के लिए प्रेरणा भी है।
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कला जगत का प्रतिष्ठित ग्रैंड मास्टर खिताब भी मिला
अंजलि मिश्रा अभी 23 वर्ष की हैं। उन्होंने कम उम्र में बेहद कम समय में इस कलाकृति को उकेरा। इसके लिए उन्हें कला जगत के प्रतिष्ठित ग्रैंड मास्टर खिताब से भी सम्मानित किया गया है।
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