गोरखपुर। असुरन से पिपराइच फोरलेन निर्माण में किनारे नाले का निर्माण कार्य चल रहा है। पादरी बाजार चौराहे से आगे बढ़ने पर बाईं तरफ ये निर्माण हो रहा है। नाले के किनारे बैरिकेड नहीं लगे हैं। केवल एक सांकेतिक सफेद टेप लगाया गया है। लोग भी जान जोखिम में डालकर इसे पार रहे हैं। इसी दौरान मंगलवार की रात हुए हादसे में मजदूर की जान चली गई।
दरअसल, ब्यासनगर कॉलोनी की तरफ जाने वाली गली का रास्ता बंद है। चौराहे के पास इसके सामने खोदाई कर नाले का निर्माण किया जा रहा है। कुछ दूर तक नाले की दीवार खड़ी कर उसपर स्लैब ढाल दिया गया है। इसके बाद नाले का सरिया बाहर है। मंगलवार शाम जहां घटना हुई वहां नाले के किनारे मिट्टी पड़ी थी। सुरक्षा के लिए बस सांकेतिक सफेद पट्टी से घेरा गया था। इससे वाहन चालक तो उधर नहीं आ रहे थे लेकिन पैदल चलने वाले लोग जान जोखिम में डालकर उधर से पार कर रहे थे। उसी समय हंसराज गली में से दीवार पकड़कर बाहर आए और नाले को क्रॉस करते समय उसमें गिर गए। बताया जा रहा है कि घटना के बाद जब भीड़ जुटी थी उस दौरान भी एक युवक जान जोखिम में डालकर नाले को पार करने लगा। तभी वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे डांटकर भगाया।
मौके पर मौजूद दिनेश गुप्ता ने बताया कि यहां शाम में रोजाना हजारों को सब्जी और जरूरत की अन्य चीजों को खरीदने आते हैं। सांकेतिक पट्टी से वाहन चालक उधर नहीं जाते लेकिन पैदल लोग निकल जाते हैं। वहां यदि बड़ा बैरिकेड लगा होता तो शायद यह घटना न होती। अर्जुन निषाद ने बताया कि नाले के निर्माण के समय बैरिकेड होना जरूरी है लेकिन यहां ठेकेदार की लापरवाही की वजह से एक व्यक्ति की जान चली गई।
परिवार में पत्नी और तीन बच्चे
हंसराज के परिवार में उनकी पत्नी और तीन बच्चे हैं। तीनों अपना काम करते हैं। आसपास के लोगों ने बताया कि हंसराज बहुत मेहनती थे और सुबह तीन बजे से ही काम में जुट जाते थे। डेयरी के साथ ही वहां एक दुकान भी है। दूध निकालने के बाद वह दुकान का काम भी संभालते थे।
मानबेला में नाले में गिरने से बच्चे की हो गई थी मौत
चिलुआताल थाना क्षेत्र की राप्तीनगर विस्तार कॉलोनी में 19 फरवरी की शाम साइकिल सवार बालक कन्हैया (12) की खुले नाले में गिर जाने से मौत हो गई थी। नाला कुछ जगहों पर खुला हुआ था और इसमें सरिया भी निकला हुआ था। नाले में गिरते ही कन्हैया के पेट में सरिया धंस गया जिससे उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद प्रशासन ने अभियान चलाकर नालों पर स्लैब रखा था। दावा किया गया था कि सारे नाले कवर कर दिए गए हैं लेकिन शनिवार को एक और हादसा हो गया।